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सरकारी मिलें वातावरण में घोल रही 'जहर'

Wed, 19 Nov 2014 12:25 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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वातावरण में ‘जहर’ घोलने वाली सरकारी चीनी मिलों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शिकंजा कसा है। बोर्ड ने सरकारी क्षेत्र की छह चीनी मिलों को नोटिस जारी प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं।
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संयंत्र नहीं लगाया तो मिल होगी बंद
प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण डॉ. रणबीर सिंह ने चेताया कि यदि चीनी मिलों ने संयंत्र नहीं लगाया तो इन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कुल 73 ऐसे उद्योगों का निरीक्षण किया जो कि प्रदूषण के लिहाज से काफी गंभीर हैं। इनमें पेपर व शुगर मिलें, आटोमोबाइल, पेस्टीसाइड आदि उद्योग शामिल थे।

73 में से 12 उद्योग पर्यावरण नियमों की अवहेलना करते मिले। इसमें सरकारी क्षेत्र की छह चीनी मिलें गदरपुर, बाजपुर, किच्छा, नादेही, सितारगंज व डोईवाला शामिल हैं।
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इन्हें नोटिस जारी कर ईटीएफ (एफल्यूएंट ट्रीटमेंट सिस्टम/प्रवाह उपचार संयंत्र) सिस्टम लगाने की हिदायत दी गई है। यदि मिलों ने यह सिस्टम नहीं लगाया तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन्हें बंद करने की कार्रवाई करेगा।

प्रदूषण फैलाने पर पांच पेपर मिल सीज
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डा. विनोद सिंघल ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2012 में भारी उद्योगों के लिए एक चार्टर लागू किया था, लेकिन इन्होंने उसके हिसाब से काम नहीं किया।

चीनी मिलों के अलावा छह अन्य उद्योगों में से एक बंद है। पांच अन्य को सील कर दिया गया है। इनमें पीएसबी पेपर मिल, श्रीश्याम पेपर मिल समेत पांच उद्योग हैं। नियम कानून पूरे करने के बाद ही इन्हें खोला जाएगा।
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