निर्णायक अधिकारी नियुक्त हाेंगे, केंद्र करेगा नियुक्ति
इसके अलावा गैर अपराधीकरण के तहत निर्णायक अधिकारी को नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया गया। यह अधिकारी किसी मामले में 10 हजार रुपये से 15 लाख तक का जुर्माना आरोपित कर सकेंगे। आगे उल्लंघन की दशा में प्रतिदिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त दंड आरोपित किया जा सकेगा। निर्णायक अधिकारी सचिव स्तर से नीचे के नहीं होंगे। इनको केंद्र सरकार के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा अभी तक पीसीबी अध्यक्ष को चयनित करने के तरीकों के निर्धारण के संबंध में शक्तियां राज्य के पास थीं, जो अब केंद्र में निहित की गई हैं।
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एनजीटी में कर सकेंगे अपील
निर्णायक अधिकारी के आदेश और लगाए गए जुर्माने के राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में अपील की जा सकेगी। निर्णायक अधिकारी के लगाए गए अर्थ दंड से मिली राशि को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत स्थापित संरक्षण कोष में जमा करने का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था राजस्थान आदि राज्यों में लागू है।