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केदारनाथ पूजा पर राजनीति हुई हावी

Wed, 11 Sep 2013 11:38 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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बुधवार को केदारनाथ मंदिर पहुंचने के लिए उत्तराखंड के पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने फाटा में बैरिकेट तोड़ दिया। वह अपने समर्थकों के साथ पैदल मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के साथ 25 अन्य लोगों ने केदारनाथ धाम को कूच किया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए इनके साथ पांच पर्वतारोही भेजे हैं। केदारनाथ मंदिर में बुधवार को प्रस्तावित पूजा पर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इसे सरकारी पूजा घोषित कर दिया है।

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आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा पूजा में स्थानीय लोगों की अनदेखी का आरोप लगाकर मामले को तूल दे रही है। वहीं, सरकार और कांग्रेसी नेता पूजा शुरू करने की हर कोशिश में जुटे हुए हैं।
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गुप्तकाशी में मंगलवार को भी पूर्व विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में स्थानीय पुरोहित और पुजारी मंदिर जाने की कोशिश करते रहे। लेकिन प्रशासन ने उन्हें जाने नहीं दिया। वहीं देर रात पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी गुप्तकाशी पहुंच गए।

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वे बुधवार सुबह स्थानीय पुरोहितों को लेकर मंदिर की ओर रवाना होंगे। हालांकि उन्हें रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने रास्ते बंद कर दिए हैं। उधर, मुख्यमंत्री की ओर से पूजा में शामिल होने का निमंत्रण मिलने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने आने से इंकार कर दिया। भट्ट का कहना है कि जब पूजा में आम भक्त नहीं शामिल हो रहे हैं तो यह कैसी पूजा है।


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राहत और पुनर्निर्माण को लेकर पहले से ही सरकार पर हमलावर रही भाजपा अब पूजा को लेकर स्थानीय भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है। इसके चलते प्रशासन सहमा हुआ है। मंगलवार देर रात तक प्रशासन के अधिकारियों की बैठकें होती रही। हालत पर नजर रखने के लिए डीजीपी सत्यब्रत के साथ ही आईजी लॉ एंड आर्डर राम सिंह मीणा ने भी गुप्तकाशी में डेरा डाल रखा है।
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