पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि राज्य की बहुगुणा सरकार ने केदारनाथ में कर्फ्यू लगा दिया है। वहां आमजन नहीं जा सकता।
मंदिर के रावल को भी नहीं बुलाया गया है। इसलिए वह इस कर्फ्यू को तोड़ने के लिए वह स्वयं केदारनाथ के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि राज्य को इस समय राष्ट्रपति शासन की बेहद जरूरत है।
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भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत केदौरान पूर्व सीएम डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मुझे मजबूरी में केदारनाथ जाना पड़ रहा है, क्योंकि वहां के स्थानीय लोगों को पूजा में भाग नहीं लेने दिया जा रहा है।
रावल को नहीं निमंत्रण
केदारनाथ के रावल को भी निमंत्रण नहीं है। हजारों लोग केदारनाथ जाने से रोके जा रहे हैं। सरकार ने केदारनाथ में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
इसलिए मैं केदानाथ कूच कर रहा हूं। राज्य की नाकारा सरकार तीन महीने में एक ऐसा रास्ता नहीं बना सकी जहां से होकर लोग केदारनाथ पहुंच जाए।
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पूजा पर रार
पूर्व सीएम ने कहा कि केदारनाथ मंदिर के चारों तरफ बड़ी संख्या में शव दबे हैं और सरकार को वहां पर सफाई कराने के बजाय पूजा करने की पड़ी है।
सैकड़ों लोग आपदा के बाद भी भूख और प्यास से तड़प कर मर गए और सरकार पूजा कराने का ढोंग कर रही है। जिंदा लोगों को बचा नहीं सकती और दबे शवों को निकाल नहीं सकती, ऐसी सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
भाजपाई करेंगे केदारनाथ को कूच
पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा के 500 कार्यकर्ता बुधवार को सोनप्रयाग से केदारनाथ को पैदल कूच करेंगे।
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भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने बताया कि यदि शासन की ओर से धाम में पूजा बहाल की जा रही है तो इसका अर्थ है वहां सभी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं।
ऐसे में भक्तों को भी भगवान के मंदिर में आने की पूरी स्वतंत्रता है। इसी के तहत भाजपा कार्यकर्ता बुधवार तड़के केदारनाथ धाम को प्रस्थान करेंगे।