इंडस्ट्रियल हेंप के पौधे से तैयार होने वाले फाइबर से कार की बॉडी तक बन रही है। इसके अलावा पेपर, टैक्सटाइल, पेंट, वारनिश, लुब्रिकेंट ऑयल आदि तमाम तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं। फूल व पत्तियों का प्रयोग दवाइयों, सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों में किया जाता है। बाजार में फाइबर की डिमांड होने से किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
इंडस्ट्रियल हेंप के प्रति लोगों में नकारात्मक सोच है कि यह भांग है। जबकि हेंप में नशे की मात्रा बहुत ही कम होती है। इससे तैयार होने वाले फाइबर की काफी डिमांड है। उत्तराखंड में किसानों को इसकी खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हेंप के बीज की टेस्टिंग के बाद ही किसानों को दिया जाता है। पौड़ी जनपद के सैकड़ों किसान खेती करने के लिए तैयार हैं। लेकिन नीति न बनने के कारण लाइसेंस जारी नहीं हो रहे हैं। - मीनाक्षी, प्रभारी, इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
प्रदेश में बंजर भूमि पर इंडस्ट्रियल हेंप की खेती किसानों के लिए मुफीद हो सकती है। खास बात यह है कि इस पौधे को जंगली जानवर व बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और सिंचाई की जरूरत भी नहीं होती है। प्रदेश में विपरीत परिस्थितियों में भी इसकी खेती की जा सकती है। लेकिन अभी इंडस्ट्रियल हेंप की खेती और उपयोग पर और रिसर्च करने की जरूरत है। - नृपेंद्र चौहान, वैज्ञानिक, एरोमा