अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्कृत में आचार्य व शास्त्री की डिग्री की मान्यता संबंधी मामले को कार्मिक विभाग व लोक सेवा आयोग से बैठक कर शीघ्र सुलझा लिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे महाविद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, जो परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों को डिग्री देने में देरी करते है।
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों के लिए एक कॉमन एक्ट प्रस्तावित है। तीन माह के भीतर सभी 872 अस्सिटेंट प्रोफेसरों के पद भर दिए जाएंगे। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनंद बर्द्धन, सचिव राज्यपाल रमेश कुमार सुधांशु, सचिव कृषि शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त सौजन्य, सचिव चिकित्सा पंकज कुमार पांडेय सहित सभी 11 विवि के कुलपति मौजूद रहे।
राज्यपाल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को इस वर्ष से इंटर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिता दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को इससे पहुंचने वाले लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता। इस वर्ष कुमाऊं विवि इंटर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही सभी विवि छात्रों के लिए डिजी लॉकर्स की व्यवस्था करेंगे। विश्वविद्यालय संबद्ध कालेजों व संस्थानों में ग्रीन कवर व वृक्षारोपण की रिपोर्ट भी शासन को उपलब्ध करवाएंगे।