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Dehradun News: ब्रिक्स देशों के नीति विशेषज्ञों ने बताए वैश्विक चुनौतियों के समाधान

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दून विवि में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ब्रिक्स ऐकडेमिक मिड-टर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और इथियोपिया समेत कुल 11 देशों के प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया और समकालीन वैश्विक चुनौतियों व उनके संभावित समाधानों पर विचार-विमर्श किया।
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सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रो. हर्ष वी पंत और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव व ब्रिक्स के सूं-शेरपा शंभू हक्की ने किया। सम्मेलन का मुख्य विषय इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी का निर्माण रहा। उद्घाटन सत्र में विदेश मंत्रालय भारत सरकार के रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। सम्मेलन में खंडित वैश्विक अर्थव्यवस्था में हरित औद्योगिक परिवर्तन, जैव विविधता व स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों का संरक्षण और हरित परिवर्तन के लिए जलवायु वित्त का विस्तार विषय आयोजित तीन सत्रों में विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव, शोध निष्कर्ष और नीतिगत सुझाव प्रस्तुत किए। विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से राज्य के शोधार्थियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को विश्व के प्रमुख विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और शोध संस्थानों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर प्राप्त होता है। इससे वैश्विक शोध सहयोग, अकादमिक आदान-प्रदान और नई शोध संभावनाओं के द्वार खुलते हैं। कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के सामने मौजूद पर्यावरणीय और विकास संबंधी चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने व उनके समाधान खोजने में ऐसे सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चीन का प्रतिनिधित्व जिमेई विवि के प्रो. शी शिनफेंग व यूनिवर्सिटी ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स के शोधकर्ता युकांग हुआंग ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने हरित विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग व आर्थिक परिवर्तन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। रूस के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विक्टोरिया पैनोवा ने किया। दक्षिण अफ्रीकी ब्रिक्स थिंक टैंक के अध्यक्ष व सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में शिक्षण व अधिगम के उप-कुलपति मोगोम्मे अल्फियस मासोगा ने दक्षिण अफ्रीका के विकास और वैश्विक सहयोग में ब्रिक्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। दक्षिण अफ्रीका से थंडीवे सेचेले व सेन्खु डोनाटियानस मैमाने ने भी ब्रिक्स देशों के समक्ष उपस्थित विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा की। मिस्र का प्रतिनिधित्व आर्थिक विशेषज्ञ फात्मा हमदोन व राजनीतिक शोधकर्ता महमूद मोहसेन अहमद अली ने सतत विकास, आर्थिक सहयोग और नीति निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
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