हरिद्वार जनपद पटवारी भर्ती जहां युवाओं के लिए नौकरी का मौका लेकर आई है वहीं इसने पुलिस विभाग की सच्चाई भी सामने ला दी है। यहां सिपाहियों में पटवारी बनने की होड़ मची है।
छुट्टी लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा देने के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी अब लिखित परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। कुछ पुलिस कर्मचारी इसके लिए कोचिंग ले रहे हैं। इनका मानना है कि इसे पेशे में भागदौड़ ज्यादा है लेकिन सुविधाएं नहीं हैं।
जनपद में इन दिनों पटवारी भर्ती चल रही है। अभ्यर्थियों ने सप्ताहभर तक जिला मुख्यालय रोशनाबाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा दी है। आवेदकों की इस भीड़ में पुलिसवाले भी शामिल हैं।
शहर व देहात के थाने-कोतवालियों से कई पुलिसकर्मियों ने पटवारी बनने के लिए छुट्टी लेकर दौड़ में पसीना बहाया। अब 22 मई को होने वाली लिखित परीक्षा की तैयारी में पुलिसकर्मी जुटे हुए हैं।
...तो इसलिए नहीं पसंद पुलिस की नौकरी
दस में से छह पुलिसकर्मी दूसरी नौकरी करना चाहते हैं।
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इसमें भाग्य आजमा रहे अधिकतर पुलिसकर्मी ऐसे हैं जिन्हें वर्दी पहने कुछ साल ही हुए हैं। लेकिन ड्यूटी की भागदौड़ के कारण उनका इस नौकरी से मोहभंग हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर कई पुलिसकर्मियों ने बताया कि पुलिस में वर्दी का रौब जरूर है, लेकिन सुविधाएं नहीं है। इसलिए पटवारी भर्ती को वह गंभीरता से ले रहे हैं।
खुश नहीं 10 में से छह पुलिसवाले
पुलिसकर्मियों के पटवारी भर्ती में शामिल होने पर कुछ पुलिसकर्मियों से राय शुमारी की गई। एक छोटे सर्वे में सामने आया कि 10 में से छह पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो दूसरे विभागों की सरकारी नौकरी को तरजीह देते हैं। यह पूछने पर कि उन्होंने पहले पुलिस बनने की क्यों सोची, कुछ ने इसे किस्मत का फैसला बताया तो कुछ का कहना है कि वर्दी को लेकर छात्र जीवन से रोमांच था। जिसके कारण उन्होंने पुलिस का पेशा चुना।