इसके लिए प्रदेश भर में पुलिस के 130 वाहनों को मोबाइल डेटा टर्मिनल लगाकर कंट्रोल रूम से जोड़ा गया हैं। इनमें थानों की जीप, चीता मोबाइल भी शामिल हैं। कंट्रोल रूम में इन तमाम वाहनाें की लोकेशन रहेगी।
जो भी वाहन घटनास्थल के आसपास होगा, उसे तत्काल मौके पर भेज दिया जाएगा। इसके अलावा डायल 112 योजना के तहत 15 नई बोलेरो भी खरीदी है। यह गाड़ियां भी कंट्रोल रूम से जुड़ी है। डायल 112 को दीपावली से पहले राज्य में लागू करने की तैयारी हैं।
कंट्रोल रूम में तीस फोन लाइन एक साथ काम करेंगी। वहीं आने वाली हर कॉल भी रिकार्ड होगी। ऐसे में कॉल मिस होने की शिकायतें ना के बराबर होंगी। बता दें कि अब तक 100 और 101 पर बिजी टोन मिलने की शिकायत मिलती रही हैं।
आपात सेवाओं के लिए डायल 112 का कंट्रोल रूम बनकर तैयार हो गया हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में डायल 112 को लागू कर दिया जाएगा। इसी नंबर पर पुलिस, फायर और स्वास्थ्य महकमे से जुड़ी आपात सेवाएं उपलब्ध होंगी। कंट्रोल रूम में जल्द व्हाट्स एप के माध्यम से एसएमएस और वाइस रिकार्डिंग भी सुविधा मिलेगी।
राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन