प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वाले अब बच नहीं पाएंगे। पुलिस ऐसे लोगों की गिरफ्तारी प्रदर्शन के दो-तीन दिन बाद भी कर सकेगी।
पुलिस के पास ऐसा वाटर कैनन वाहन आ गया है जिससे रंग मिला पानी प्रदर्शनकारियों पर डाला जाएगा। यह रंग जल्दी छूटेगा नहीं। इससे प्रदर्शन के दौरान उपद्रव या हुड़दंग करने वाले आसानी से पुलिस के शिकंजे में आ जाएंगे।
पुलिस के आधुनिकीकरण की योजना के तहत 40 लाख रुपए में खरीदे गए इस वाटर कैनन वाहन का मंगलवार को पुलिस लाइन में डेमो किया गया। पुलिस अफसरों का दावा है कि यह वाहन के मिकल की आग बुझाने के साथ ही प्रदर्शनकारियों पर रंग-बिरंगा पानी छोड़ने में मददगार साबित होगा।
पुलिस महानिरीक्षक बीएस सिद्धू की मौजूदगी में वाटर कैनन वाहन से 40 से 50 मीटर दूर से पानी फेंककर आग बुझाने और प्रदर्शनकारियों पर रंग-बिरंगा पानी डालकर रोकने का प्रदर्शन किया गया।
बताया गया कि वाहन में 250 लीटर क्षमता का डाई टैंक (पहचान के लिए विशेष प्रकार के रंग की बौछार के लिए), 80 से 100 लीटर क्षमता का फोम टैंक (कैमिकल से लगी आग बुझाने), 5500 लीटर का वाटर टैंक (सामान्य पानी फेंकने के लिए) और 25 लीटर का इंचिग सॉल्यूशन टैंक (खुजली करने वाले केमिकल मिश्रित पानी) की व्यवस्था है, जिसका परिस्थिति के अनुरूप प्रयोग किया जा सकता है।
डीजीपी ने कहा कि वाहन में क्लोज सर्किट टीवी और कैमरे की व्यवस्था है, जो घटनाक्रम को कैद करता रहेगा। बड़े आंदोलनों में इसका प्रयोग कारगर रहेगा। पुलिस महानिरीक्षक जीएन गोस्वामी, आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल, एसडीआरएफ सेनानायक वीके कृष्ण कुमार, एसटीएफ की एसएसपी पी रेणुका देवी, एसपी देहात जीसी ध्यानी, एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय और सीओ ट्रैफिक रेणु लोहाणी मौजूद रहे।
चल नहीं पाए कई उपकरण
पुलिस लाइन में डेमो के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उपलब्ध उपकरणों वीएलपी, एंटी रिस्ट गन, रबर बुलेट, फ्लेयर गन और टियर गैस गन का आदि का भी प्रदर्शन किया। इसमें से कई उपकरण चल ही नहीं पाए।
इस पर डीजीपी ने सवाल-जवाब किए गए। पता चला कि उपकरण काफी पुराने हैं। साथ ही उनका लंबे समय से उपयोग भी नहीं किया गया है। डीजीपी ने उपलब्ध स्टाक को 31 दिसंबर तक ट्रेनिंग में इस्तेमाल करने के निर्देश दिए, ताकि नया स्टाक दिया जा सके।