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...तो रुड़की में हुए बवाल के पीछे था एक सफेदपोश, पुलिस को मिले है कुछ इनपुट

Tue, 19 Sep 2017 08:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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police action on villagers
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चाचा-भतीजा हत्याकांड में हिरासत में लिए गए चार युवकों को झूठा फंसाने के आरोप में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कोतवाली में हुए बवाल में कई महिलाएं शामिल रही। योजना के तहत पुरुषों ने महिलाओं को जानबूझकर ही आगे किया था। 
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मारपीट की शुरुआत महिलाओं की ओर से की। भीड़ का मानना है कि महिलाओं की वजह से पुलिस पीछे हट जाएगी। हुआ भी यही। महिलाओं को देखकर सुबह-सुबह ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पहले बैकफुट पर आए, लेकिन हालात जब बेकाबू होने लगे तो उन्होंने लाठियां निकाली। 

लाठीचार्ज शुरू होते ही उपद्रवियों में भगदड़ मच गई। आलम यह रहा कि पुलिसकर्मियों से दो-दो हाथ कर रहे लोग पास स्थित दुकानों में जान बचाने के लिए घुस गए। कई लोगों ने गाड़ियों के नीचे छुपकर जान बचाई। जबकि कुछ लोगों ने यह कहकर बचाव किया कि वे भीड़ में नहीं है बल्कि बाजार आएं हैं। भगदड़ के चलते तमाम लोगों के जूते-चप्पल मौके पर ही छूट गए। सूत्रों का कहना है कि कोतवाली में हमले के पीछे एक जनप्रतिनिधि का हाथ है। पुलिस का भी मानना है कि किसी जनप्रतिनिधि के इशारे पर भीड़ ने कोतवाली में उपद्रव किया है। 
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पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

police team action in roorkee
कोतवाली से उपद्रवियों को खदेड़ने के  बाद पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों के साथ सिविल लाइंस स्थित दुकानों से लेकर नगर निगम कार्यालय तक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने दुकानों आदि से करीब 12 लोगों को हिरासत में लिया। साथ ही पुलिस ने चार उन ट्रैक्टर-ट्रालियों को भी कब्जे में लिया जिनमें उपद्रवी कोतवाली पहुंचे थे।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने हिरासत में लिए चार युवकों के साथ मारपीट करते हुए जबरन उनसे दोहरे हत्याकांड में अपना हाथ होने की बात कबूल करवाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस असली हत्यारों को गिरफ्तार करने के बजाय दूसरे लोगों को परेशान कर रही है। 

एसपी देहात मणिकांत मिश्रा का कहना है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। ग्रामीणोें को हंगामा, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के बजाय अपनी बात को शालीनता से कहनी चाहिए था। पुलिस का उद्देश्य किसी को प्रताड़ित करना नहीं है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जो दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
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