वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और महिलाओं की सुरक्षा का संकल्प दोहराया। कहा, पुलिस उन्हें सरकारी वाहन से घर छोड़कर आएगी। लेकिन, बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विभिन्न मांगों के लिए परेड ग्राउंड में धरना दिया था। पुलिस-प्रशासन ने उन्हें जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार शाम को पुलिस बैरियर पार कर मुख्यमंत्री आवास कूच करने का प्रयास किया।
एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में पुलिस टीम ने बैरियर लगाकर महिलाओं को हाथी बड़कला चौकी के पास रोक दिया। इसी दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए यातायात जाम कर दिया। कुछ देर बाद एसएसपी अरुण मोहन जोशी प्रदर्शनकारी महिलाआें के बीच पहुंचे। बातचीत के दौरान कुछ महिलाएं अकेले जाते दिखाई दी तो उन्होंने महिला सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता में बताया।
एसएसपी ने कहा, महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए प्रदर्शन में शामिल कोई भी हिला अकेली घर नहीं जाएगी। जिन महिलाओं को जाना है वह पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। सरकारी वाहन से उन्हें घर छोड़ा जाएगा। उन्हाेंने पुलिस अधीक्षक नगर चौबे और अन्य अधिकारियों को इन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि यह पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर निश्चित रूप से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देशित कर दिया है।