बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पास के होटल में काम करने वाला गार्ड आदि मदद को आगे आ गए। गार्ड ने बच्ची को उठाया तो वह बिलखती रही। पहले ऐसा लगा कि शायद आरोपी बच्चा चोर है, लेकिन बच्ची पापा पुकार उसकी गोद में जाने की जिद करने लगी तो साफ हुआ कि दोनों के बीच बाप-बेटी का रिश्ता है।
गार्ड के अलावा मौके पर एकत्र हुए लोगों ने शराबी से घर का पता पूछने की भरसक कोशिश की, लेकिन वो बदतमीजी करने के साथ मदद करने वालों को धमकाता रहा। होटल के गार्ड की तरफ से डॉयल 112 पर दो बार कॉल की गई।
काफी देर तक पुलिस नहीं आई तो तीसरी बार पटेलनगर थाने से संपर्क किया गया। मोटर साइकिल पर एक सिपाही मौके पर आया तो शराबी उससे भी अभद्रता पर उतर आया। पहले तो सिपाही ही सूचना देने वालों से पूछता रहा कि वो बच्ची का क्या करे।
बच्ची लगातार तड़प रही थी। लोगों ने विरोध जताया तो सिपाही ने शराबी के वश में न आने पर थाने फोन किया। करीब दस मिनट बाद दूसरा सिपाही ऑटो लेकर मौके पर पहुंचा। तब जाकर दोनों सिपाही बच्ची और शराबी पिता को ऑटो में अपने साथ ले गए।