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धूमधाम से बारात लेकर पहुंचा दुल्हा, लेकिन आ गई पुलिस और सारे अरमानों पर फिर गया पानी

Wed, 14 Feb 2018 07:47 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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गाजे बाजे के साथ बारात पहुंची। दूल्हे ने घोड़ी पर बैठने के लिए सेहरा भी बांध लिया था। हर कोई फिल्मी गाने की धुन पर थिरकने को लेकर बेताब था, लेकिन तभी कुछ ऐसा घटा कि सात फेरे लेने की तमन्ना अधूरी रह गई।

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दरअसल, दुल्हन के बालिग न होने की शिकायत पर पहुंची पुलिस दीवार बनकर आ खड़ी हुई। खैर, हताश निराश बारात को दुल्हन पक्ष ने जैसे तैसे मान मनौव्वल कर दावत खिलाकर विदा किया। सहमति हुई कि छह माह बाद शादी की रस्में अदा की जाएंगी।

 ये किसी फिल्म का सीन का नहीं है बल्कि कनखल के गांव मिस्सरपुर में मंगलवार को हुआ घटनाक्रम है। दरअसल, पिरान कलियर क्षेत्र के गांव इमलीखेड़ा की रहने वाली एक किशोरी की शादी पड़ोसी जिले सहारनपुर के गांव सुनहटी शेख के एक युवक से तय हुई थी। विवाह स्थल के लिए किशोरी की मौसी के गांव मिस्सरपुर को चुना गया था। मंगलवार को होने वाली शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी।
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दोपहर के वक्त बारात लेकर दूल्हा पक्ष भी पहुंच गया था। घुडचढ़ी से ठीक पहले कनखल पुलिस ने पहुंचकर शादी रुकवा दी। पुलिस ने जब दुल्हन के बालिग होने के संबंध में प्रमाण मांगा, तब परिजन हक्के बक्के रह गए। एक बारगी परिजन ने विरोध करना चाहा लेकिन तभी पुलिस ने दुल्हन की उम्र का प्रमाणपत्र पेश किया। 
 

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रोड़ा बने युवक की दिलचस्प कहानी

प्रमाणपत्र के आधार पर दुल्हन की उम्र 18 साल में से छह माह कम निकली। आनन फानन में दूल्हे पक्ष को इस बात से अवगत कराया। दूल्हे पक्ष का गुस्सा एक बारगी सातवें आसमान पर चढ़ा, लेकिन दुल्हन पक्ष ने मान मनौव्वल कर उन्हें मना लिया।
जगजीतपुर चौकी प्रभारी डीपी काला ने बताया कि दुल्हन की उम्र छह माह कम है। गांव इमलीखेड़ा के ही ग्रामीणों ने चौकी पहुंचकर इस संबंध में शिकायत की थी, कानूनी रूप से नाबालिग की शादी नहीं हो सकती है, इसलिए शादी रुकवा दी गई है।

रोड़ा बने युवक की दिलचस्प कहानी
 शादी के बीच रोड़ा बनने की वजह की कहानी भी बेहद ही दिलचस्प है। जिस किशोरी की शादी होने जा रही थी, उस किशोरी से छेड़छाड़ के आरोप में गांव का ही एक युवक जेल गया था। उस युवक के पास दुल्हन बनने जा रही किशोरी की उम्र का प्रमाण था। उसी ने ही चौकी पहुंचकर शादी के बंधन में खलल पैदा कर दिया। चौकी पर पहुंचे युवक ने पुलिस के समक्ष कहा कि जब उसने नाबालिग से छेड़छाड़ की सजा भुगती है तो वह नाबालिग की शादी कैसे हो सकती है।

परिजन ने मनाया शुक्र
भले ही पुलिस ने नाबालिग की शादी होने से रुकवा दी हो, लेकिन किशोरी के परिजन अंदर ही अंदर इस बात से खुश भी है। यदि वे नाबालिग की शादी कर देते तब शिकायतकर्ता पक्ष उन्हें कानूनी शिकंजे में फंसा सकता था। किशोरी के परिजन को इस बात का अहसास हुआ तब वह शुक्र मनाते हुए दिखाई दिए।
 
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