सरकारी दायित्व के लिए कार्यकर्ता एक-एक दिन गिन रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सरकार के कामकाज पर चैंपियन से पहले किसी ने सवाल नहीं किए हों। बिशन सिंह चुफाल से लेकर हरभजन सिंह चीमा जैसे विधायकों के ऐसे बयान सामने आते रहे हैं, जिनकी प्रतिध्वनि सरकार से नाराजगी के रूप में जरूर निकली है।
मगर चैंपियन ने अपनी बात करने के लिए जिस तरह का रास्ता अख्तियार किया है, वह सबसे अलग है। भाजपा हाईकमान इस मामले पर पैनी निगाह रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अब ये देख रही है कि चैंपियन के पीछे कौन-कौन हैं। जिस मिशन की बात की जा रही है, वह आखिर है क्या?
भाजपा हाईकमान ने लिया फीडबैक
चैंपियन के मामले में भाजपा हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से फीडबैक लिया है। सूत्रों के अनुसार, भले ही चैंपियन ये कह रहे हैं कि सौहार्दपूर्ण माहौल में बात हुई है, लेकिन इस तरह की परिपाटी की शुरूआत करने पर पार्टी हाईकमान खुश नहीं है। बताया जा रहा है कि पूरी स्थिति की पड़ताल करने के बाद चैंपियन पर कार्रवाई के लिए पार्टी दून से दिल्ली तक मन बना रही है।