स्थानीय पुलिस ने रामदेव की पतंजलि योगपीठ पर छापा मारकर कथित रूप से बंधक बनाए एक कर्मचारी को बरामद करने का दावा किया है। मुजफ्फरनगर के रई गांव के निवासी नितिन त्यागी के पिता ने पुलिस में अपने पुत्र को बंधक बनाने की शिकायत की थी।
पुलिस ने रामदेव के भाई रामभरथ और नरेश मलिक नाम के शख्स के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। उधर, कार्रवाई से बिफरे सैकड़ों भाजपाइयों ने पूर्व मंत्री मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग की अगुवाई में देर रात कनखल थाने का घेराव किया। उग्र नारेबाजी करते हुए भाजपाई कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
अपहरण कर कैद कर रखा
सोमवार की शाम रुड़की निवासी हरपाल त्यागी ने हरिद्वार पुलिस को सूचना दी कि उसके रिश्तेदार नितिन त्यागी पुत्र गोपाल त्यागी निवासी रई थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर को पतंजलि योगपीठ में 18 अक्तूबर से अपहरण कर कैद कर रखा है।
मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी राजीव स्वरूप ने एसपी सिटी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने को आदेश दिया। एसपी सिटी एसएस पंवार और सीओ चंद्रमोहन सिंह पुलिसबल के साथ शांतरशाह पुलिस चौकी पर पहुंचे।
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस चौकी जाकर पतंजलि योगपीठ के पीआरओ से संपर्क किया गया और पीड़ित युवक को सौंपने को कहा गया।
पुलिस को देखते ही चिल्लाने लगा नितिन
चार युवक नितिन त्यागी को लेकर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस को देखते ही नितिन चिल्लाने लगा। पुलिस को बताया कि उसे बंधक बनाकर मारा-पीटा गया है। जिसके बाद पुलिस नितिन और साथ आए चारों युवकों को थाना कनखल ले आई।
पढें, बनने जा रहा है ऐसा जू, जो पहले देखा ना सुना!
देर रात थाने पर भाजपाइयों का प्रदर्शन
रामदेव के भाई पर मुकदमे की सूचना मिलते ही हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपाइयों ने कनखल थाना घेर लिया। बाद में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष विकास तिवारी, जिला मंत्री संजय चौहान सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपाई थाने पहुंच गए।
देर रात तक भाजपाई थाने पर प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं कनखल थानाध्यक्ष ने बताया कि रामभरत और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
पढें, पेट्रोल के लिए 100 किमी दूर जाते हैं आप?
योगपीठ में सुपरवाइजर था नितिन
पतंजलि योगपीठ से हिरासत में लिए गए युवकों का कहना है कि नितिन त्यागी ने दो साल पहले पतंजलि योगपीठ में बतौर सुपरवाइजर की नौकरी की थी। आरोप है कि उस समय नितिन ने अपने एक साथी से मिलकर गोदाम से चोरी की थी और उस समय भाग निकला था। लेकिन अब यह गोदाम में अपने साथी के साथ फिर चोरी करने पहुंच गया, लेकिन इसे दबोच लिया गया। जिसे पुलिस अपहरण का नाम दे रही है।