सेलाकुई थाने की स्थापना के पांच वर्ष बाद भी क्षेत्र में पुलिस चौकियां नहीं बन पाईं हैं। औद्योगिक क्षेत्र और बाहरी राज्यों की बड़ी आबादी होने के कारण यहां आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र और भाऊवाला में चौकियां बनाने की जरूरत है। लेकिन, विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
तीन फरवरी 2020 को सेलाकुई में थाने की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई थी। 20 फरवरी को थाने की स्थापना कर दी गई थी। क्षेत्र में सेलाकुई और आसपास के 27 गांव शामिल हैं। सेलाकुई में 150 से अधिक औद्योगिक इकाइयां भी हैं। यहां हजारों की संख्या में श्रमिक काम करते हैं। इन श्रमिकों के परिवार सेलाकुई में किराये पर कमरे लेकर रहते हैं। इसके साथ यहां विभिन्न राज्यों के मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी 24 घंटे जारी रहती है। औद्योगिक क्षेत्र और बाहरी आबादी अधिक होने कारण यह क्षेत्र आपराधिक घटनाओं को लेकर संवेदनशील है। सेलाकुई क्षेत्र से गुजरने वाले दून-पांवटा मार्ग पर काफी दुर्घटनाएं भी होती हैं। बीते साल सेलाकुई में 182 मुकदमे दर्ज किए गए थे। वहीं, हाल में एक 11 वर्षीय बच्चे की हत्या का मामला भी सामने आया था। औद्योगिक क्षेत्र और थाने के सीमांत क्षेत्र भाऊवाला में निगरानी और घटना के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए चौकियां बनाना बहुत जरूरी है।