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हरिद्वार: साध्वी पद्मावती को पुलिस ने अनशन से उठाया, मातृ सदन ने सीएम के खिलाफ दायर किया वाद

Fri, 31 Jan 2020 02:42 PM IST
दुष्यंत शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

  • साध्वी के अनशन से उठाते ही अनशन पर बैठे स्वामी आत्मबोधानंद
  • पुलिस की कार्रवाई पर भड़के स्वामी शिवानंद, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
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साध्वी पद्मावती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा की अविरलता की मांग को लेकर मातृ सदन में अनशन पर बैठीं साध्वी पद्मावती का स्वास्थ्य बिगड़ने पर 47वें दिन पुलिस ने देर रात उन्हें जबरन उठाकर दून अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने यह कार्रवाई रात में सीएमओ की ओर से जारी साध्वी के स्वास्थ्य बुलेटिन के आधार पर की है। 

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इसके बाद शुक्रवार को मातृ सदन की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, एसडीएम कुसुम चौहान, सीएमओ डॉ सरोज नैथानी, लक्सर के एसडीएम सुनैना राणा और थानाध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया है। वहीं, साध्वी पद्मावती का कहना है कि प्रशासन को जो भी उपचार देना है मातृ सदन में देना होगा। वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी।

साध्वी पद्मावती ने 15 दिसंबर को गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए आमरण अनशन शुरू किया था। तब से उनका अनशन लगातार जारी था। हाल ही में बिहार के सीएम नितीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से साध्वी पद्मावती के समर्थन में लिखा गया पत्र लेकर अपने जल संसाधन मंत्री संजय झा और सांसद कौशलेंद्र कुमार को हरिद्वार भेजा था। 
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वहीं, मंगलवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश लेकर यूपी के अधिकारी भी हरिद्वार पहुंचे थे, लेकिन साध्वी ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया था। शुक्रवार को साध्वी का अनशन 47वें दिन में प्रवेश कर गया था। 

बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साध्वी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। रात करीब नौ बजे उन्होंने एसडीएम कुश्म चौहान को स्वास्थ्य बुलेटिन सौंपा। 

उनके स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस टीम मातृ सदन पहुंची और साध्वी को जबरन उठाकर दून अस्पताल में भर्ती करा दिया। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

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अब संत आत्मबोधानंद ने शुरू किया अनशन

देर रात पुलिस के साध्वी पद्मावती को उठाने के साथ ही अब मातृ सदन आश्रम के ब्रह्मचारी संत आत्मबोधानंद अनशन  पर बैठ गए हैं। आत्मबोधानंद इससे पूर्व 9 बार अनशन कर चुके हैं।

पिछली दफा उन्होंने वर्ष 2018 में 194 दिनों तक आमरण अनशन किया था। जब सरकार ने प्रोफेसर जीडी अग्रवाल और ज्ञान स्वरूप सानंद को उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया था तब आत्मबोध आनंद अनशन पर बैठे थे। 

उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से साध्वी को जबरन उठाया गया है। पुलिस उन्हें जबरन कुछ खिला-पिला कर अनशन समाप्त कराना चाहती है। वह पहले ही घोषणा कर चुके थे कि साध्वी को उठाने पर वह अपना अनशन शुरू कर देंगे। इसलिए रात में ही उन्होंने गंगा रक्षा के लिए अपना अनशन शुरू कर दिया है।
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हाईकोर्ट जाएंगे स्वामी शिवानंद

वहीं, स्वामी शिवानंद भी पुलिस  के इस तरह से साध्वी को उठाने पर भड़के हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृसदन के संतों का अनशन मांग पूरी होने न होने तक जारी रहेगा। एक के बाद एक ब्रह्मचारी और साध्वी गंगा रक्षा की मांग को लेकर तपस्या पर बैठते रहेंगे। चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो स्वयं अन्न-जल त्यागकर तपस्या करेंगे।

उन्होंने बताया कि बीती रात से ही साध्वी पदमावती को उल्टियां हो रही थी। इस पर चिकित्सक से कहा तो दिन में उसको दवाइयां दे दी थी। चिकित्सकों ने दोपहर तीन बताया था कि साध्वी पद्मावती को दवाएं दे दी है। अब शुक्रवार को देखेंगे कि उसकी तबीयत कैसी है। लेकिन पुलिस ने शाजिश के तहत देर रात ही साध्वी को उठाकर भर्ती करा दिया। 

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को मैं नैनीताल हाईकोर्ट जाकर अपील करुंगा कि हम किस प्रकार से विरोध करें। वहीं स्वामी दयानंद ने भी कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार खनन माफिया के इशारों पर कार्य कर रही है।
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