एक नामी संस्थान में कुछ छात्र हंगामा कर रहे थे। करीब दो घंटे के गरमा गरम माहौल के बाद आखिरकार पुलिस के एक आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
देखने में उनकी पर्सनैलिटी दमदार लग रही थी, लेकिन उनका अंदाज देखकर सब हैरान रह गए। पहले तो वह बेहद सीरियस अंदाज में छात्रों की बात सुनते रहे, लेकिन बाद में उनके विचार सुनकर मीडियाकर्मी भी हतप्रभ रह गए।
जनाब, बीच में ही उठे और एक मीडियाकर्मी के कान में फुसफुसाने लगे। दो पल बाद ही पूरे हॉल में ठहाके गूंज गए। सब देख रहे थे लेकिन कोई सुन नहीं पाया था। पुलिस वाले अधिकारी वापस चले गए।
जब मीडियाकर्मी से हंसने की वजह पूछी तो पता चला कि जनाब फैसला कराने के बजाए छात्रों के दल में मौजूद छात्राओं को भी ताड़ रहे थे।
जाते-जाते वह अपनी रंगीनमिजाजी का सबूत दे गए। यह बात जब सभी मीडियाकर्मियों को पता चली तो वह भी हंसते रह गए।