एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद काफी दिनों से अनशन पर हैं और स्वास्थ्य की जांच भी नहीं करवा रहे। उनकी जीवन रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है।
उधर, मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि आत्मबोधानंद ने उनके 15 प्रश्नों के उत्तर देने वाले डॉक्टरों से ही उपचार कराने मांग रखी है। उन्होंने कहा है कि स्वामी सानंद की तरह आत्मबोधानंद भी एम्स ऋषिकेश में सुरक्षित नहीं हैं।
ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने कहा कि जिस प्रकार स्वामी सानंद को जबरन उठाकर ले जाया गया था, उन्हें भी उसी तरह ले जाया जा रहा है। एम्स में उनका जीवन सुरक्षित नहीं है और अब एम्स से जीवित लौटने की उम्मीद नहीं है, लेकिन अंतिम सांस तक गंगा की रक्षा के लिए उनका अनशन जारी रहेगा।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए शासन और प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने भी अभी तक वार्ता करने का प्रयास नहीं किया।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार के डीएम दीपक रावत, एसडीएम मनीष कुमार सिंह और तहसीलदार सुनैना राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर, इनकी संपत्ति की जांच कराई जानी चाहिए।