पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि जिस तरह से दुर्घटना हुई है, उसका मुख्य कारण संस्था व जिम्मेदार लोगों की लापरवाही है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों के बीमा और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी संस्था व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद से बांसवाड़ा में हाईवे अति संवेदनशील बना हुआ है। यहां पर पहाड़ी से जहां मलबा गिरने का भय बना हुआ है। वहीं, कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ सड़क से जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में दोनों तरफ होमगार्ड के जवान तैनात करने की मांग की है, जिससे यातायात को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बांसवाड़ा में मलबे में दबे आठ मजदूरों के शव उनके गांव पहुंचाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने दो एंबुलेंस से शवों को दिल्ली भेज दिया है। जहां से जम्मू-कश्मीर सरकार की मदद से चार्टर विमान से बारामूला पहुंचाया जाएगा।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बारामूला प्रशासन से वार्ता की गई है। उनके द्वारा सरकार से चार्टर विमान की मांग की गई है, जो दिल्ली से शवों को ले जाएगा। अगर, चार्टर विमान नहीं मिला तो सड़क से ही शवों को पहुंचाया जाएगा। इधर, पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि बारामूला पुलिस प्रशासन से मामले में वार्ता हो चुकी है। यहां से जो भी संभव होगा, पूरी मदद की जाएगी।