मनेरी भाली परियोजना प्रथम चरण से बिना सूचना झील से पानी छोड़ने के मामले में परियोजना के अधिशासी अभियंता (ईई) के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले विभाग की ओर से जांच पूरी नहीं होने तक थाने में निगम प्रबंधक के खिलाफ तहरीर दी गई थी।
मनेरी भाली परियोजना प्रथम से छह अप्रैल को बिना सूचना झील का पानी छोड़ दिया गया था। इससे भागीरथी नदी का बहाव अचानक तेज हो गया और तिलोथ मोटर पुल के पास काम में जुटे लोनिवि के श्रमिक बाल-बाल बच गए। ठेकेदार की मशीन, बजरी आदि सामग्री नदी में बह गई।
नियमानुसार झील से पानी छोड़ने से पहले आपदा प्रबंधन अथवा जिम्मेदार अधिकारी को इसकी सूचना देनी आवश्यक है, लेकिन परियोजना अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। कोतवाली प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि लोनिवि के ठेकेदार जसवीर राणा ने मनेरी भाली प्रथम परियोजना के अधिशासी अभियंता के खिलाफ बिना सूचना पानी छोड़ने और मशीनों को पहुंचे नुकसान पर थाना कोतवाली उत्तरकाशी में धारा 427 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार चौहान ने बताया कि विभाग की ओर से भी इस संबंध में डीएम को भी शिकायती पत्र सौंपकर परियोजना के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इधर, परियोजना अफसरों का तर्क है कि उन्होंने झील से पानी छोड़ने से पूर्व तिलोथ पावर हाउस को अवगत करा दिया था, इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।