इसके बाद उत्तराखंड में भी हाई अलर्ट जारी किया गया था। पुलिस मुख्यालय की ओर से जिलों के पुलिस अधिकारियों को सतर्क होने के निर्देश जारी किए गए। विशेषकर हरिद्वार पुलिस को सतर्क रहने और तमाम धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशन समेत अन्य जगहों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए थे। क्योंकि, पूर्व में संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद हरिद्वार और रुड़की संवेदनशील माना जाता है।
रुड़की के लंढौरा में एनआईए और यूपी एटीएस ने 19 जनवरी 2016 को चार संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा था, जिनकी हरिद्वार अर्द्धकुंभ में बम धमाका करने की जिम्मेदारी योजना थी। आतंकियों की निशानदेही पर विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई थी। इससे पूर्व छह दिसंबर 2014 को छात्र तुषार धीमान की बम धमाके में मौत हो गई थी, जिसका अभी तक जांच एजेंसियां खुलासा नहीं कर पाई हैं। ऐसे में यूपी और दिल्ली में आतंकी संगठन के गुर्गे पकड़े जाने और विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद पुलिस अधिकारी भी इस तरफ नजर बनाए हैं।
धर्मनगरी में आतंकियों की गतिविधियों के पिछले दिनों हुए खुलासे के बाद पुलिस और खुफिया विभाग सतर्कता बरतता है। साथ ही दूसरे राज्यों की खुफिया एजेंसियों और पुलिस से समय-समय पर इनपुट लिए जाते हैं। वहीं, नए साल पर धर्मनगरी में पर्यटक घूमने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसे लेकर भी पुलिस मुख्यालय की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। धर्मनगरी में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी में पकड़े गए आतंकी और नए साल के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है, अधिकारियों को खासतौर पर सार्वजनिक स्थानों और प्रदेश की सीमाओं पर सघन चेकिंग के आदेश दिए गए हैं।
-अशोक कुमार, एडीजी लॉ एंड आर्डर