महाविद्यालय की समस्याओं के निदान के लिए लोकतांत्रिक ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर कलक्ट्रेट में पुलिस ने लाठियां भांजी। इस दौरान कई छात्रों को चोटें भी आई।
इससे आक्रोशित छात्रों ने गंगोत्री हाईवे पर चक्काजाम और सीएम का पुतला फूंका और। उन्होंने डीएम और एसडीएम को तत्काल हटाने तथा लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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सीएम का पुतला फूंकने और प्रदर्शन का ऐलान
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रिक्त पदों पर प्राध्यापकों की तैनाती, लाइब्रेरी में पाठ्यक्रम की पुस्तकें मुहैया कराने और बाढ़ से ध्वस्त हो रहे पुरीखेत परिसर को सुरक्षित करने की मांग पर छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को सीएम का पुतला फूंकने और प्रदर्शन का ऐलान किया था।
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शनिवार को उत्तरकाशी में सीएम के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पुतला न फूंकने के हिदायत दी। यह बात न मानने पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह छात्रों से पुतले छीन लिए। तब सैकड़ों छात्र-छात्राएं नगर में जुलूस प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
पुलिस ने छात्रों पर लाठियां बरसाई
आंदोलित छात्र-छात्राओं ने डीएम से कार्यालय से बाहर आकर महाविद्यालय की समस्याएं सुनने और कार्रवाई का अनुरोध किया। इतने में डीएम डा. पंकज पांडेय दूसरे गेट से गाड़ी में बैठकर जाने लगे तो छात्र भड़क उठे। उन्होंने नारेबाजी की तो एसडीएम भटवाड़ी केके सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने छात्रों पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।
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इसमें छात्रसंघ अध्यक्ष प्रदीप कैंतुरा, सुभाशीष ठाकुर, अमरीकन पुरी, कुलदीप ढौंडियाल, प्रदीप नेगी, संजय भट्ट और श्याम नारायण नौटियाल आदि को चोटें आई।
लाठियां फटकारने की निंदा
साझा मंच से जुड़े तमाम जनसंगठनों ने छात्रों पर लाठियां फटकारने की निंदा की। साझा मंच के मूर्तिराम जोशी, रणवीर राणा, विजेंद्र नौटियाल, अजय पुरी और भूपेंद्र चौहान आदि ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी जनसमस्याओं से मुंह चुरा रहे हैं। मासूम छात्रों पर लाठियां फटकारना इस सीमांत जनपद के शांतिपूर्ण माहौल में जहर घोलने की साजिश है। उन्होंने कहा कि सीएम के दौरे के एक दिन पहले ऐसा क्यों किया।
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कल बंद रहेगा उत्तरकाशी बाजार
साझा मंच से जुड़े व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी और नगर अध्यक्ष राजेंद्र पंवार ने कहा कि महाविद्यालय की समस्याओं और उत्तरकाशी के अस्तित्व की लड़ाई में शामिल छात्रों का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने लाठियां फटकारने के विरोध में शनिवार को बाजार बंद रखने का ऐलान किया।
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इनकी भी सुनिए
महाविद्यालय की समस्याएं शासन स्तर की हैं। यह छात्र नेताओं को समझा दिया गया था। इन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन ये नहीं आए। मुझे सीएम साहब के कार्यक्रम की तैयारी के लिए जाना था। ऐसे में कुछ छात्रों के गाड़ी के आगे आने पर उन्हें हटाया गया। लाठीचार्ज नहीं हुआ।
- डा. पंकज पांडेय, डीएम उत्तरकाशी।
डीएम साहब छात्रों से वार्ता करने के बजाय पीछे के रास्ते से गाड़ी में भाग रहे थे। छात्रों की ओर से रोष जताने पर एसडीएम भटवाड़ी केके सिंह ने छात्रों के साथ गालीगलौज और मारपीट की। इतने में मौके पर मौजूद पुलिस ने हम पर जमकर लाठियां बरसाईं, जिसमें कई छात्र चोटिल हुए। डीएम एवं एसडीएम भटवाड़ी को तत्काल हटाने तथा लाठीचार्ज करने वाले पुलिस के अधिकारी एवं जवानों को निलंबित करने की मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप कैंतुरा
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पहली बार फटकारी लाठियां
मैं वर्ष 1990-91 में महाविद्यालय छात्रसंघ में अध्यक्ष रहा। हमने भी महाविद्यालय की समस्याएं दूर करने को आंदोलन किए, लेकिन कभी छात्रों पर लाठियां नहीं फटकारी गई। यह पहली बार है जब न्यायोचित मांगों के लिए सड़क पर उतरे छात्रों की आवाज लाठियों के बल पर कुचलने का प्रयास किया गया।
- लोकेंद्र बिष्ट, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष उत्तरकाशी।
वर्ष 1992-93 मैं उत्तरकाशी महाविद्यालय में छात्रसंघ महासचिव रहा। उस दौरान हमने भी महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। तत्कालीन डीएम राजीव कपूर काफी सख्त माने जाते थे। उन्होंने बड़े प्यार से हमारी समस्याएं सुनीं और उनका समाधान किया। यह पहली बार है जब मासूम छात्रों पर पुलिस प्रशासन ने लाठियां भांजी हैं।
- शरद रावत, पूर्व महासचिव छात्रसंघ उत्तरकाशी।