तेज आंधी से हरबर्टपुर अंतरराज्यीय बस अड्डे पर जर्मन हैंगर के पोल गिरने लगे। पुलिस ने करीब 250 यात्रियों को रेस्क्यू कर टेंट से बाहर निकाला और बस अड्डे परिसर तक पहुंचाया। सभी चारधाम यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। आंधी से जर्मन हैंगर को काफी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार दोपहर को अचानक आसमान में काले बादल छा गए। तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान बस अड्डे पर करीब 250 चारधाम यात्री बारिश से बचाव के लिए जर्मन हैंगर के भीतर चले गए। आंधी इतनी जबरदस्त थी कि जर्मन हैंगर के पोल उखड़ गए।
मौके पर मौजूद हरबर्टपुर चौकी प्रभारी सनोज कुमार ने टीम के साथ तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू कर यात्रियों को जर्मन हैंगर से बाहर निकालना शुरू कर दिया। करीब 10-12 मिनट में पुलिसकर्मी ने यात्रियों को बस अड्डे के परिसर के भीतर सुरक्षित पहुंचा दिया। इस बीच एक पोल कूलर पर भी गिरा। जिससे कूलर क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, कई लाइट और पंखे भी क्षतिग्रस्त हो गए। जर्मन हैंगर को भी काफी नुकसान पहुंचा।
वहीं, आंधी से पुलिस का कंट्रोल रूम, अधिकारियों का वीआईपी लाउंज का टेंट भी उड़ गया। जबकि, पेड कैंटीन का वाटर प्रूफ टेंट फट गया। सूचना पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों का हालचाल पूछा। यात्रियों ने विधायक को बताया कि पुलिसकर्मियों ने समय पर सभी को जर्मन हैंगर से बाहर निकाल लिया था। विधायक ने संबंधी विभागों को टेंट को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
विधायक ने बताया कि गुजरात के 58 यात्रियों के जत्थे को ग्रीन और ट्रिप कार्ड की जांच के बाद धामों की ओर रवाना कर दिया गया। कुछ मिनी बस भी धामों की ओर निकली। बताया कि महाराष्ट्र के 120 यात्रियों के जत्थे के ट्रिप कार्ड में कुछ समस्या थी। बीडीएम स्कूल स्थित आश्रय स्थल में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन, यात्रियों ने बस अड्डा परिसर में ठहरने की इच्छा जताई। बताया कि पुलिस को यात्रियों सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।