सोमवार रात ही सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी अर्जुन को भगवानपुर के तेज्जुपुर के पास निर्माणाधीन फोरलेन हाईवे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह केमिकल के ड्रम बेचने का काम बीते दो साल से कर रहा है।
उसके साथ इस काम में सुभाष मास्टर, सुशील चौधरी, ईलम और फिरोज के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तस्दीक की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि एक महीने पहले उसने रुड़की स्थित सेलूलॉज कंपनी से केमिकल खरीदने का प्रयास किया था, लेकिन कंपनी ने जीएसटी पंजीकरण होने पर ही केमिकल देने की बात कही।
इस पर अर्जुन ने मनोज सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी गांधीनगर, रुड़की से संपर्क किया और उससे अपने जीएसटी नंबर पर छह ड्रम केमिकल दिलाने की बात कही। मनोज ने उसे अपने जीएसटी नंबर पर छह ड्रम केमिकल दिला दिए।
एसएसपी ने बताया कि अर्जुन ने तीन ड्रम केमिकल लाडी पुत्र जिंदा निवासी पुंडेन, सहारनपुर और दो ड्रम केमिकल टिंकू उर्फ पहल सिंह निवासी नागल, सहारनपुर को बेच दिए।
जबकि, एक ड्रम केमिकल अपने पास सिरचंदी, थाना भगवानपुर में दुकान किराये पर लेकर रखा था। लाडी और हरदेव ने ड्रम से 50 लीटर निकालकर 50 लीटर पानी मिलाकर कच्ची शराब तैयार की थी, जिसका रंग दूधिया हो गया था।
इसके बाद लाडी ने बाल्लुपुर निवासी सोने को 35 बोतल और बाकी शराब गागलहेड़ी व नागल क्षेत्र में बेच दी। एसएसपी ने बताया कि अर्जुन की निशानदेही पर एक ड्रम केमिकल सिरचंदी, भगवानपुर और दो ड्रम केमिकल पुंडेन, सहारनपुर निवासी सचिन गुप्ता के गोदाम से बरामद किए हैं जबकि तीन ड्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
सहारनपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि इसी काम में लिप्त इंद्र पुत्र सूरजभान निवासी ग्राम तेजपुर गढ़ी, जिला सहारनपुर को भी गिरफ्तार किया है। दोनों एसएसपी ने बताया कि यह कौन सा केमिकल है, इसका पता जांच बाद ही चलेगा। केमिकल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारी की जाएगी।