रुड़की के सिकंदरपुर भैंसवाल के जंगल में दो बहनों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। दोनों नाबालिग थीं जबकि उनकी मां सुरेला तथा तीसरी पुत्री को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भगवानपुर थानाक्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी सुरेश पाल की पत्नी सुरेला (40 वर्षीय) बुधवार की सुबह जंगल में लकड़ी लेने गई थी। उसके साथ उसकी 12 वर्षीय पुत्री पारुल, 10 वर्षीय पुत्री सुजाता तथा 19 वर्षीय राधा भी थी।
पतासे में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया
दोपहर को लकड़ी लेकर आते समय जंगल में एक ट्यूबवेल के पास चारों पानी पीने के लिए रुके थे। इसी दौरान दो लोगों ने महिला और उसकी तीनों पुत्रियों को प्रसाद के बहाने पतासे में नशीला पदार्थ मिलाकर खाने को दिया।
नशीला प्रसाद खाते ही चारों की तबियत बिगड़ गई। करीब 500 मीटर चलने पर उन्हें उल्टियां होने लगीं। इसके बाद महिला और उसकी तीनों पुत्रियां बेहोश होकर वहीं पर गिर पड़ी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज
कुछ ही देर में उनकी बेहोशी की सूचना गांव तक पहुंच गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने चारों को कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां से उन्हें रुड़की बीटी गंज स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में चिकित्सक ने पारुल और सुजाता को मृत घोषित कर दिया जबकि सुरेला और उसकी पुत्री की हालत काफी गंभीर बताई। मां-पुत्री की हालत अभी गंभीर बनी है।
पुलिस कर रही मामले की छानबीन
पुलिस ने पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। भगवानपुर थानाध्यक्ष चंदन सिंह चौहान ने बताया कि अभी तक पुलिस को घटना की तहरीर नहीं मिल पाई है।
पुलिस की ओर से मामले की छानबीन की जा रही है। अभी तक इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है जिससे इस परिवार की किसी से रंजिश होने की बात सामने आई हो।
गंभीर हालत में रेफर
सूचना पर मौके पर पहुंची 108 की मदद से चारों को रुड़की अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने दो लड़कियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि मां और एक बेटी को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया है। मरने वालों की पुष्टि रूपा (10) एवं सुजाता (12) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।