विश्व नागरिक के रूप में आज हम चाहे जितनी दूर हों पर ये कैसे कह सकते हैं कि इस समय इराक या सीरिया में जो कुछ हो रहा है, वह हमारी संवेदना का पड़ोस नहीं। उनका मानना था कविता क्रांति ले जाएगी, ऐसा मैं नही मानता लेकिन कविता समाज को प्रभावित जरूर करती है।
उन्होंने कहा कि कवि केदार नाथ सिंह के जाने से नई कविता का एक आधार स्तंभ गिर गया है। उन्होंने बताया कि कवि केदारनाथ सिंह इस बात से दुखी अवश्य होते थे कि यहां कविता संग्रह की मुश्किल से 1000 प्रतियां छपती हैं जबकि रशिया में कवि की लाखों प्रतियां छपती व खरीदी एवं पढ़ी जाती हैं।