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मशहूर कवि और लेखक केदारनाथ सिंह का देहरादून से था खास लगाव, इस बात से हो जाते थे दुखी

Tue, 20 Mar 2018 12:11 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ सिंह
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आधुनिक हिंदी साहित्य के मशहूर कवि और लेखक केदारनाथ सिंह के निधन पर देहरादून के साहित्य जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। कवि केदारनाथ का देहरादून से खास लगाव था। वह कई बार विभिन्न कार्यक्रमों में देहरादून आए हैं।

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केंद्रीय विद्यालय 1 के प्राचार्य एवं साहित्य से खास लगाव रखने वाले डा. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि केवि केदारनाथ सिंह को नई कविता के सशक्त हस्ताक्षर ‘अज्ञेय’ द्वारा संपादित ‘तीसरा सप्तक ’ के प्रमुख बिम्बों का कवि माना जाता था।

‘अकाल में सारस’ कविता संग्रह के लिए साहित्य अकादमी सम्मान से अलंकृत और 2014 के ज्ञानपीठ से सम्मानित नई कविता के महान कवि केदारनाथ सिंह का मानना था कि कवि विश्व नागरिक होता है।
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Kedarnath Singh
विश्व नागरिक के रूप में आज हम चाहे जितनी दूर हों पर ये कैसे कह सकते हैं कि इस समय इराक या सीरिया में जो कुछ हो रहा है, वह हमारी संवेदना का पड़ोस नहीं। उनका मानना था कविता क्रांति ले जाएगी, ऐसा मैं नही मानता लेकिन कविता समाज को प्रभावित जरूर करती है।

उन्होंने कहा कि कवि केदार नाथ सिंह के जाने से नई कविता का एक आधार स्तंभ गिर गया है। उन्होंने बताया कि कवि केदारनाथ सिंह इस बात से दुखी अवश्य होते थे कि यहां कविता संग्रह की मुश्किल से 1000 प्रतियां छपती हैं जबकि रशिया में कवि की लाखों प्रतियां छपती व खरीदी एवं पढ़ी जाती हैं।
 
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