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इंग्लैंड की तर्ज पर हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में संचालित होंगी पोडकार, 15 किलोमीटर का बनेगा ट्रैक 

Sat, 05 Jan 2019 10:24 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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trivendra singh rawat
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इंग्लैंड के हीथ्रो एयरपोर्ट की तर्ज पर हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में सरकार पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट (पीआरटी) के तहत पोडकार संचालित करेगी। योजना के तहत मेला क्षेत्र में 15 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा। यह ट्रैक बनाने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) की एक कंपनी ने इच्छा जताई है। परियोजना निर्माण का व्यय भार कंपनी ही उठाएगी, इसके लिए दून मेट्रो रेल कारपोरेशन के साथ करार की तैयारी चल रही है।

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पोडकार में अधिकतम 10 लोगों को एक गंतव्य से दूसरे गंतव्य तक ले जाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल बहुमंजिला इमारतों में ऊपर नीचे जाने के लिए लगी लिफ्ट प्रणाली की तरह होता है। पोडकार में न तो इंजन होता है न ही ड्राइवर। टिकट लेने के बाद जब यात्री निर्धारित स्टेशन पर पहुंचेगा, तो उसे वहां एक बटन दबाना होगा।

बटन दबाते ही पोडकार उसके पास पहुंच जाएगी। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस सेवा को शहर के प्रमुख गंतव्यों से संचालित किया जाना है। गंगा के एक छोर से दूसरे छोर पर जाने के लिए रोपवे प्रणाली इस यातायात व्यवस्था का दूसरा बड़ा आकर्षण होगी।

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चार ट्रांसपोर्ट प्रणाली होंगी विकसित 

दून मेट्रो रेल कारपोरेशन हरिद्वार में पीआरटी सिस्टम के साथ ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी को चार ट्रांसपोर्ट प्रणालियों से जोड़ेगी। दून में मेट्रो रेल की जगह लाइट रेल ट्रांसपोर्ट (एलआरटी) पर काम होगा। ऋषिकेश से दून को भी इसी सेवा से जोड़ा जाएगा, जिसमें तीन डिब्बों वाली ट्रेन चलेगी। जबकि दून में केवल एक डिब्बे वाली एलआरटी चलेगी। इसके अलावा दून में मेट्रो बस प्रणाली को एलआरटी से जोड़ा जाना है। जो इस परियोजना का अंतिम चरण है। मेट्रो बस में दो या तीन कंपार्टमेंट होते हैं, जिन्हें तय सड़क मार्ग पर संचालित किया जाता है।  

हरिद्वार में पीआरटी प्रणाली से यातायात की नई सुविधा विकसित की जानी है। ऋषिकेश और देहरादून को लाइट रेल ट्रांसपोर्ट (एलआरटी) से जोड़ा जाएगा। इन दोनों योजनाओं को बाद में रोपवे प्रणाली के साथ जोड़ने की भी योजना है। मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधीन यह प्रणाली विकसित की जाएगी। 
- नितेश झा, सचिव
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