श्रीनगर, कोटद्वार होते हुए काशीपुर बिजली की लाइन ले जाने के लिए सर्वे घोटाले का पीएमओ ने संज्ञान ले लिया है। इस घोटाले से भले ही अधिकारियों का घर भर गया हो, लेकिन इन जिलों के रोशनी का रास्ता रुक गया है।
जब तक यह लाइन नहीं बिछेगी इन जिलों में बिजली नहीं जा पाएगी। पीएमओ के मामले का संज्ञान लेने के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छानबीन तेज कर दी है। गले में फंदा पड़ते देख विद्युत विभाग अब थर्ड पार्टी जांच के लिए कमेटी गठित कर रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय को की जाने वाली शिकायतों के पोर्टल पर पिटकुल का फर्जी सर्वे अपलोड हो गया है। इस मामले में सर्वे करने वाली एजेंसी को 56.94 लाख एडवांस पेमेंट किया गया था। इसमें मनी लॉर्डिंग ढूंढने के लिए ईडी ने अपना जाल बिछा दिया है।
इस मामले में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विकाश शर्मा फंसे हैं। यह भुगतान ज्योति स्ट्रक्चर्स लिमिटेड को किया गया है। इससे कंपनी के बही-खातों को भी खंगाला जाएगा। इस घोटाले से सबसे बड़ी मुसीबत प्रदेश के लोगों को भुगतनी पड़ेगी। इस लाइन के बिछने में देर होने से 26 जुलाई, 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने श्रीनगर में जिस 400 केवी स्टेशन का उद्घाटन किया है, उसका मकसद खटाई में पड़ जाएगा।