प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के स्वागत के लिए उनके गांव घीड़ी के लोगों ने पलक पावड़े बिछाए हैं। ग्रामीण उनके गांव आने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शनिवार को पौड़ी आ रहे हैं। रविवार को अपने पैतृक गांव घीड़ी में बाल कुंवारी मंदिर में होने वाले वार्षिक पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार बनने के बाद डोभाल पहली बार अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंच रहे हैं। जिससे उनके आगमन को लेकर गांव के लोगों में काफी उत्सुकता बनी है।
वार्षिक पूजन में शामिल होंगे अजीत डोभाल
गांव के बाल कुंवारी मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक पूजन की तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत शनिवार को गांव के शीर्ष में स्थित बाल कुंवारी मंदिर में रात्रि जागरण होगा।
रविवार को मंदिर में पूजा अर्चना के साथ भंडारा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार मंदिर में आयोजित हो रहे इस वार्षिक पूजन को लेकर पूरे गांव में अलग उत्साह है।
इसका मुख्य कारण यह है राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने के बाद इस गांव का लाल अजीत डोभाल पहली बार इस वार्षिक पूजन में पहुंच रहे हैं।
गांव वालों की आराध्य देवी है बाल कुंवारी
गांव के शीर्ष में स्थित बाल कुंवारी ‘कन्या कुंवारी’ का मंदिर है। यह गांव के लोगों की आराध्य देवी है। मंदिर समिति के अध्यक्ष दामोदर डोभाल बताते हैं यह इसकी स्थापना डोभाल लोगों के पूर्वजों ने की गई थी।
किवदंती के अनुसार प्राचीन समय में इस स्थान पर उनके पूर्वजों को एक लौहखंड मिला था। जो पूर्वजों को स्वप्न में आया था। स्वप्न में उसने कहा था कि वह बाल कुंवारी देवी है। तब इस स्थल पर देवी की स्थापना की गई। पूरा गांव देवी की पूजा अर्चना करता है।
पिता ने शुरू किया था वार्षिक पूजन
मंदिर समिति के अनुसार अजीत डोभाल के पिता मेजर गुणानंद डोभाल की प्रेरणा पर 1999 से इस मंदिर में 22 जून को वार्षिक पूजन एवं भंडारा आयोजित किया जाता है।
1999 में इसकी शुरुआत मेजर गुणानंद डोभाल ने की थी। तब उन्होंने इस मंदिर में देवी की मूर्ति स्थापित की थी। 1999 में आयोजित वार्षिक पूजन में अजीत डोभाल भी आए थे। तब उन्होंने गांव के सभी मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की थी।
वार्षिक पूजन को लेकर इस बार अलग उत्साह है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने के बाद पहली अजीत डोभाल इस कार्यक्रम में आ रहे हैं।
-अशोक कुमार डोभाल निवासी घीड़ी गांव
अजीत डोभाल के आगमन को लेकर लोगों को काफी उम्मीदें हैं। उनका एनएसए बनना गांव के लिए गर्व की बात है।
-पंडित शिवम डंगवाल निवासी घीड़ी गांव
वार्षिक पूजन को लेकर इस बार लोग काफी उत्साहित हैं। मंदिर में बाहर से कई लोगों के पहुंचने की उम्मीदें हैं।
-लज्जावती डंगवाल सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका निवासी घीड़ी गांव
रिश्ते में अजीत पोता लगता है। अजीत ने ऊंचे ओहदे पर पहुंचकर गांव को पूरे देश में नई पहचान दी है।
-केएन डोभाल निवासी घीड़ी गांव