सीएम ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर से राज्य में पर्यटन, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन व निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। परियोजना का शुभारंभ राज्य विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा। बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।