केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व पीएम मोदी ने एक बार फिर बुधवार को ड्रोन कैमरे के जरिये केदारपुरी में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पीएम मोदी को केदारपुरी के कायाकल्प को लेकर जारी पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की सिलसिलेवारी जानकारी दी। पीएम मोदी ने मंदिर की भव्यता को हो रहे कार्यों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने ड्रोन के जरिये पीएम मोदी को केदारपुरी में एक-एक निर्माण कार्य से रूबरू कराया। इस दौरान पीएम मोदी को दिखाया गया कि किस तरीके से मंदिर के चबूतरे का क्षेत्रफल 1500 से बढ़ाकर 4125 वर्ग मीटर कर दिया गया है। साथ ही मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के संगम स्थल से, 2013 की आपदा में आया मलवा हटा दिया गया है।
ऐसी व्यवस्था की गई है कि मार्ग के शुरुआती जगह से मंदिर का दृश्य बिना किसी बाधा के दिखाई दे। मुख्य सचिव ने बताया कि मार्ग की चौड़ाई 50 फीट कर दी गई है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के मद्देनजर मार्ग के मध्य में 10 फीट चौड़ाई में पत्थर बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं, सरस्वती नदी पर 470 मीटर लंबी और मंदाकिनी नदी पर 380 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है। मुख्य सचिव ने पीएम को बताया कि 73 तीर्थ पुरोहितों के आवासों में से 13 का निर्माण जारी है।
इसके अलावा गरुड़चट्टी से केदारनाथ साढ़े तीन किमी पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हो गया है। गौरीकुंड से लिंचौली होते हुए मार्ग का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य 70 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। मंदिर के पूर्वी भाग में हिमस्खलन, भूस्खलन से बचाव के लिए 300 मीटर में बैरियर और ड्रेनेज निर्माण कार्य हो गया है।