अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को दून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योग करने के लिए पास जरूरी है, लेकिन परिवहन विभाग की बसें बिना परमिट के दौड़ेंगी। शासन ने कार्यक्रम स्थल तक लोगों को ले जाने के लिए लगाई गईं बसों के लिए परमिट की जरूरत को खत्म कर दिया है।
देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योग करने के लिए करीब 50 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने का ही दबाव है कि पीएम के साथ परिवहन विभाग भी योग करने को मजबूर है। शासन ने कार्यक्रम स्थल तक लोगों को ढोने के लिए लगाई गई बसों के लिये 19 से लेकर 21 जून तक परमिट न रखने की छूट प्रदान की है। परिवहन सचिव डी सेंथिल पांडियन की ओर से बाकायदा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत इस समय परमिट के न होने पर पांच हजार रुपये तक के दंड का प्रावधान है। हालांकि, एक्ट में जरूरी सेवाओं में प्रयुक्त वाहनों के परमिट में सशर्त रियायत दी सकती है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक परमिट में छूट की वजह ही यह है कि बसों के संचालन में कोई परेशानी न हो।
कुमाऊं से 45 बसें भेजी जाएंगी दून
कुमाऊं परिवहन निगम भी पीएम के साथ योग करेगा। योग कार्यक्रम के लिए कुमाऊं से 45 बसों का बेड़ा दून भेजा जाएगा। ये बसें भी 21 जून को दून और हरिद्वार के बीच पीएम के योग कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को ढोयेंगी।
योग कार्यक्रम के लिए भीड़ जुटाने का ही दबाव है कि परिवहन निगम को इस बात का भी ध्यान नहीं रहा कि पर्यटन सीजन में परिवहन निगम पर बसों को मुख्य रूटों पर ही अधिक से अधिक बसों की जरूरत होती है। परिवहन निगम आरएम संचालन यशवंत सिंह के अनुसार विभिन्न डिपो से 45 बसों को 19 की रात को देहरादून के लिए रवाना कर दिया जाएगा। यह बसें 21 जून को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हरिद्वार से देहरादून के बीच संचालित की जाएगी। एक ही झटके में तीन दिन के लिए 45 बसों के रूट से हटने से नैनीताल सहित अन्य पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने वाले यात्रियों का परेशान होना भी तय है।