प्रदेश के छह शहरों में गरीबों को आठ हजार आशियाने मिलेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यह काम आगे बढ़ रहा है। शासन से अनुमति के बाद उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने धारा-28 के तहत इन सभी चयनित जमीनों पर आपत्तियां मांगी हैं।
वैसे तो प्रधानमंत्री आवास योजना का काम प्रदेश में काफी धीमी गति से चल रहा है लेकिन मार्च और अप्रैल में आठ स्थानों पर आठ हजार आवासों के लिए कार्रवाई तेज हुई है। इसके तहत धनपुरा-हरिद्वार परियोजना में 1184 आवास, बेलड़ी-हरिद्वार योजना में 1088 आवास, भवानीपुर-जसपुर योजना में 1264 आवास, रामनगर नैनीताल योजना में 528 आवास, शिमला पिस्तौर-रुद्रपुर योजना-1 में 1344 आवास और शिमला पिस्तौर-रुद्रपुर योजना-2 में 880 आवास, श्यामनगर-गदरपुर योजना में 928 आवास और उकरौली-सितारगंज योजना में 864 आवास बनाए जाने हैं।
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उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम-1965)(संशोधन) अधिनियम-2009 की धारा-28 के तहत अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना में सभी चुनी गई जमीनों की पूरी योजना जारी की गई है। इसमें जमीनों के खसरा नंबर से लेकर पूरी जानकारी दी गई है। अगर किसी को इन पर आपत्ति होगी तो उसे परिषद कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करानी होगी। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।