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गोपीनाथ मुंडे की मौत से सीख लेनी होगी

Wed, 04 Jun 2014 01:08 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की सड़क हादसे में मौत के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
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उड़ती हैं ट्रैफिक नियमों की धज्जियां
देश में कोई ऐसा शहर नहीं है जहां लोग ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज गति से वाहन न चलाते हों। इस वजह से आए दिन कई लोगों की जिंदगी चली जाती है।

रफ्तार के रोमांच के कारण आए दिन होने वाले सड़क हादसों से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। देहरादून में भी औसतन दस बड़े हादसे प्रतिदिन तेज रफ्तारी के कारण होते हैं।
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देहरादून में केवल अप्रैल माह में रेस ड्राइविंग के 685 चालान किए गए। 111 लोगों का चालान वाहन चलाते समय पर फोन पर बात करने के कारण किया गया है।

एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय का कहना है कि केवल अप्रैल माह में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले 4 हजार लोगों का चालान किया गया।

नहीं दिखता पुलिस की कार्रवाई का असर
कार्रवाई के यह आंकड़े बताते हैं कि लोग नियम कायदों को ताक पर रखते हुए अपने जीवन को दांव पर लगा देते हैं। लोगों पर पुलिस की कार्रवाई का कोई असर दिखाई नहीं देता है।

दून में रेस ड्राइविंग सड़क हादसों का बड़ा कारण है। यहां कई ऐसे इलाके हैं, जिनकी पहचान मौत प्वाइंट के तौर हुई है। हालांकि पुलिस प्रशासन की तरफ से सड़क हादसों को रोकने के लिए कई प्रयोग हुए हैं, लेकिन दुर्घटनाएं थम नहीं पाई।

देहरादून में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। दो साल पहले ट्रैफिक पुलिस ने शहर के कई संवेदनशील चौराहे और मोड़ों को चिह्नित किया था।

इन इलाकों में हरिद्वार रोड स्थित लक्ष्मण सिद्ध मंदिर क्षेत्र, मसूरी रोड स्थित मैगी प्वाइंट, सहारनपुर रोड पर शिमला बाईपास से पटेलनगर और नया गांव तक और मसूरी डायवर्जन शामिल हैं।
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संवेदनशील क्षेत्रों में लगाई होर्डिंग
पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग हादसों को टालने के लिए सड़क के बीच बेरिकेडिंग की है। अभियान चलाकर ओवरस्पीड वाले वाहनों के चालान किए हैं।

एक माह तक पुलिस ने जागरूकता अभियान भी चलाया, लेकिन वाहन चालकों ने इससे कोई सबक नहीं लिया। एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय का कहना है कि हादसों के लिहाज से चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता होर्डिंग लगाए गए हैं।

पुलिस गश्त भी करती है, ताकि लोग शराब पीकर ड्राइविंग न करें। राय का कहना है कि अधिकतर एक्सीडेंट रेस ड्राइविंग के कारण हो रहे हैं।

बताते हैं कि हाल ही में मसूरी डायवर्जन पर हुए तीन हादसों में चार लोगों की मौत नशे में रेस ड्राइविंग के कारण हुई है।
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