उत्तराखंड में प्लास्टिक के खिलौने और घरेलू उपयोग में आने वाले सामान के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज में प्रदेश का पहला प्लास्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। सरकार ने प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान को तीन करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है।
केंद्र की ओर से मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने प्लास्टिक पार्क विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। इस पार्क की डिजाइन व अवस्थापना विकास के लिए प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान को नोडल विभाग बनाया गया। सरकार ने तीन करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। इस पार्क में प्लास्टिक से विभिन्न प्रकार के खिलौने, आटोमोबाइल, टेली कम्युनिकेशन, घरेलू उपयोग में आने वाले सामान का विनिर्माण करने वाले उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही पार्क के अंदर ही उद्योगों को सामान की डिजाइनिंग, टेस्टिंग की सुविधा भी मिलेगी। इस पार्क को 40 एकड़ भूमि चयनित की गई है। जिसमें सड़क, बिजली, पानी, ग्रीन जोन को छोड़ कर शेष 75 प्रतिशत जमीन उद्योगों को दी जाएगी। छोटे निवेशकों के लिए भी एक हजार वर्गमीटर के प्लांट बनाए जाएंगे।
तीन माह के भीतर शुरू होगा प्लाट आवंटन
प्लास्टिक पार्क में अवस्थापना विकास के बाद तीन माह के भीतर प्लाट आवंटन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लगभग 80 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पार्क के लिए केंद्र व राज्य सरकार का 50-50 प्रतिशत अंशदान दिया जाएगा।
सितारगंज में बनने वाले प्लास्टिक पार्क में खिलौना व अन्य घरेलू सामान बनाने वाले उद्योग स्थापित किए जाएंगे। पार्क को विकसित करने के लिए प्लास्टिक इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी संस्थान को तीन करोड़ की राशि दी जाएगी।
- एसए मुरुगेशन, प्रबंध निदेशक, सिडकुल