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बाजार में नकली अंडे बिकने की फैल रही अफवाह, आप भी खाते हैं तो जरूर पढ़ें ये जरूरी जानकारी

Wed, 29 Jan 2020 08:53 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रेमनगर बाजार से खरीदे अंडे के अंदर दिखी पॉलीथीन जैसी झिल्ली, विशेषज्ञों ने कहा- स्टोरेज की गड़बड़ी है कारण
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अंडा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आप अंडे खाते हैं तो ध्यान दीजिए। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में मंगलवार को कुछ लोगों ने अंडे के अंदर पॉलीथिन जैसी झिल्ली होने की भी शिकायत की। हालांकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने इसका खंडन किया है।

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विभागीय अधिकारी इसे नकली अंडे बिकने की अफवाह बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टोरेज ठीक से न होने के कारण अक्सर ऐसा होता है। मंगलवार को प्रेमनगर क्षेत्र के कुछ लोगों ने जब अंडे पकाए तो उन्हें कुछ बदलाव दिखा।

अंडे फोड़े गए तो जर्दी वाला हिस्सा गेंद के आकार में सख्त मिला। कुछ ने छिलके पर अंदर की तरफ पॉलीथिन की झिल्ली की कोटिंग होने की बात कही। लोगों ने कहा कि अंडे के छिलके आग पर रखते ही प्लास्टिक की तरह गल और जल रहे हैं।

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कुछ ही देर में यह अफवाह पूरे प्रेमनगर क्षेत्र में फैल गई। केहरी गांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर तीरथ सिंह रावत ने भी अंडों के नकली होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि पकाने के बाद अंडों से किसी तरह की खुश्बू नहीं आ रही है। 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडे ने नकली अंडों की आशंका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लंबे समय तक स्टोर किए गए अंडों में तापमान बढ़ने पर यह दिक्कत होती है।

तापमान बढ़ने से अंडे के अंदर जर्दी वाला पीला हिस्सा ठोस होने लगता है। साथ ही छिलके के अंदर की तरफ एक झिल्ली जैसी बन जाती है, जो देखने में पॉलीथिन जैसी लगती है। हालांकि उन्होंने कहा कि देर शाम तक ऐसा कोई अंडा उन्हें नहीं मिला है। 

नहीं बनाए जा सकते नकली अंडे

नकली अंडों को लेकर समय-समय पर अफवाहें जरूर फैलती हैं लेकिन इनको बनाना असंभव है। खुद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) कुछ समय पहले लोगों को भ्रम से बचाने के लिए गाइडलाइन जारी कर चुका है। 

एफएसएसएआई के अनुसार प्लास्टिक से अंडों का निर्माण नहीं किया जा सकता। अभी तक ऐसी कोई तकनीक विकसित नहीं हुई है, जिससे प्लास्टिक के मिलते-जुलते या नकली अंडे बनाए जा सकें। अंडों के स्टोरेज में गड़बड़ी होने पर उनकी गुणवत्ता और रंग-रूप प्रभावित हो सकता है।

वैसे भी अंडे को अगर एक दिन भी रूम टेंपरेचर में रखा जाए तो उनके खराब होने की आशंका रहती है। ऐसे अंडे कुछ हद तक देखने में प्लास्टिक जैसे हो सकते हैं। गाइडलाइन के अनुसार अंडों को ठंडे वातावरण में स्टोर किया जाना चाहिए। 
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थ्रीडी प्रिंटिंग से संभव

एफएसएसएआई के अनुसार थ्रीडी प्रिंटिंग से अंडा बनाया जा सकता है। लेकिन इसकी लागत बहुत ज्यादा होगी। ऐसा एक अंडा पांच हजार से अधिक कीमत का होगा। लेकिन बाजार में सामान्य तौर पर बिकने वाले पांच से छह रुपये के अंडे नहीं बनाए जा सकते। 

ऐसे करें फ्रेश अंडों की पहचान
अंडों की ताजगी जांचने का बेहद आसान तरीका है। गिलास या मग में पानी भरकर अंडा डालें। अगर अंडा नीचे बैठ जाए तो समझिये वह ताजा है। थोड़ा पुराना होगा तो पानी में नीचे सीधा खड़ा हो जाएगा। ज्यादा पुराना अंडा ऊपर आकर तैरने लगता है।
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