देहरादून को रैबीज़ फ्री नगर बनाने के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। खूंखार व आवारा कुत्तों से निजात मिलने पर लोगों को रैबीज़ का खतरा भी नहीं रहेगा। आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने की पहल नगर निगम के स्तर पर भी शुरू हो गई है। बहुत जल्द पशुओं के लिए अस्पताल भी केदारपुरम में बनकर तैयार हो जाएगा।
दूनवासी आवारा कुत्तों से परेशान हैं। इसके लिए कई सालों से प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। हालांकि अब उसकी नींद टूटने लगी है। कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए सरकार भारी भरकम राशि देने को राजी हो गई है।
एबीसी यानि एनीमल बर्थ कंट्रोल परियोजना पर सैद्धांतिक तौर पर सरकार, नगर निगम एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया सहमत हो गए हैं।