उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से होकर गुजरने वाली सुसवा नदी का पानी किसी को भी कोमा में पहुंचा सकता है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से की गई सैंपलिंग में यह चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
पानी में मैग्नीशियम, कैल्शियम से लेकर डिसॉल्व ऑक्सीजन की मात्रा दोगुनी से अधिक हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी मात्रा में प्रदूषण होने से इस पानी की जद में आने वाले व्यक्ति कोमा तक में जा सकते हैं।
दूधली निवासी अजय कुमार ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सूचना का अधिकार के तहत सुसवा नदी के पानी की गुणवत्ता की जानकारी मांगी थी। नियंत्रण बोर्ड ने 11 जनवरी 2016 को आई सुसवा नदी की प्रदूषण रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर हमने विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत सिंह से बात की।