पिटकुल के ट्रांसफार्मरों में गड़बड़ी के मामले में तीन साल पहले सचिव ऊर्जा ने जो जांच समिति बनाई थी, उसकी जांच आज तक पूरी नहीं हो पाई। हालात यह हैं कि जांच समिति के तीन सदस्य अधिकारी रिटायर भी हो चुके हैं। दरअसल, जून 2019 में पिटकुल के 220 केवी झाझरा सब स्टेशन में स्थापित 160 एमवीए के ट्रांसफार्मर और 132 केवी माजरा सब स्टेशन में स्थापित 40 एमवीए ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया था।
विवाद बढ़ा तो मामले का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन सचिव ऊर्जा राधा रतूड़ी ने प्रकरणों की जांच के लिए तीनों ऊर्जा निगमों (यूपीसीएल, पिटकुल, यूजेवीएनएल) के एमडी और निदेशक परिचालन यूपीसीएल की एक जांच समिति गठित की थी। उन्होंने मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। तीन जून 2019 को हुए जांच के आदेश को तीन साल बीत गए।
जांच समिति में शामिल तत्कालीन यूूजेवीएनएल एमडी एसएन वर्मा, यूपीसीएल एमडी बीसीके मिश्रा, यूपीसीएल निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल रिटायर हो चुके हैं। केवल तत्कालीन एमडी पिटकुल संदीप सिंघल अब एमडी यूजेवीएनएल के पद पर कार्यरत हैं। सचिव ऊर्जा के आदेश के तहत आज तक न तो जांच हुई और न ही कोई रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई गई है।
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जांच समिति के सदस्य रहे यूजेवीएनएल के वर्तमान एमडी संदीप सिंघल का कहना है कि उस जांच के तहत एक बार सभी जांच अधिकारियों ने झाझरा और माजरा सब स्टेशन का निरीक्षण किया था। लेकिन बाद में अपनी-अपनी व्यस्तताओं के चलते जांच आगे नहीं बढ़ पाई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि यह जांच अभी तक लंबित है।