पिथौरागढ़ में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं ने एक और युवक की जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है।
बुधवार देर रात जाखनी निवासी एलएम भट्ट (39) को सीने में तेज दर्द उठने पर परिजन जिला अस्पताल लाए थे। प्राथमिक उपचार के बाद भट्ट की स्थिति में थोड़ा सुधार हो गया था। परिजनों का आरोप है कि रात को डॉक्टरों ने क्रिटिकल केस बताया था और सुबह रेफर करने की बात कही थी। परिजनों का कहना है कि अगर रात को रेफर कर दिया होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में मरीजों को सही सुविधा नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि रात के वक्त अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें ब्लड, शुगर, यूरीन के टेस्ट, ईसीजी सब निजी अस्पतालों में कराना पड़ा। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनकी जान गई है।
कुमाऊंनी संस्कृति के संरक्षण के लिए काम करते थे एलएम भट्ट
एलएम भट्ट कुमाऊंनी संस्कृति प्रचार-प्रसार के लिए काम करते थे। कुछ समय पहले उन्होंने कुमाऊंनी फिल्म ‘शुभ घड़ी’ बनाई थी। उनकी इस फिल्म को लोगों ने काफी सराहना की थी। इसके अलावा वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़ चढ़कर भागीदारी करते थे। उनके निधन पर सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
हार्ट अटैक के कारण एलएम भट्ट की मौत हुई है। डॉ. ने परिजनों को रात में ही हायर सेंटर ले जाने को कह दिया था, लेकिन परिजन नहीं ले गए। सुबह दूसरा अटैक आने पर उनकी मौत हो गई।
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डॉ. एचएस खड़ायत, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़