पिथौरागढ़ जिला कारागार में कैदियों के भोजन पर होने वाले खर्च और उसकी गुणवत्ता जांच से जुड़ी जानकारी अब छिपी नहीं रहेगी। राज्य सूचना आयोग ने कारागार प्रशासन को आरटीआई के तहत मांगी गई पूरी जानकारी सात दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें भोजन का बजट, खर्च की गई राशि और गुणवत्ता जांच कमेटी की बैठकों का ब्योरा शामिल है।
पिथौरागढ़ जिला कारागार में कैदियों के भोजन पर आवंटित बजट, खर्च की गई धनराशि और भोजन की गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था का ब्योरा अब सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत देना होगा। राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए कारागार प्रशासन को सात दिन के भीतर मांगी गई पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सूचना आयुक्त कुशला नंद कोठियाल के समक्ष पहुंचे मामले में किशोर राम ने जिला कारागार से कैदियों के भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए गठित कमेटी की बैठकों का ब्योरा मांगा था। उन्होंने भोजन के लिए आवंटित बजट और अब तक खर्च की गई राशि की जानकारी भी मांगी थी।
इसके अलावा उन्होंने कारागार में स्वास्थ्यकर्मियों के स्वीकृत पदों, भरे और रिक्त पदों की संख्या, कैदियों को रखने की क्षमता और वर्तमान में बंद कैदियों की संख्या का विवरण मांगा था। आरटीआई के तहत उचित जवाब नहीं मिलने पर किशोर राम ने पहले विभागीय अपील और फिर राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की। सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त कुशला नंद कोठियाल ने कहा कि मांगी गई जानकारी सामान्य प्रकृति की है और कैदियों के हितों से जुड़ी है। उन्होंने जिला कारागार को सात दिन के भीतर पूरी सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए।