पिथौरागढ़ में बाढ़ जैसे हालात
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आपदा की चपेट में आई मदकोट पुलिस चौकी को निजी भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। चौकी के अंदर भारी मलबा घुसने से खतरा हो गया था। वहां वायरलैस की सुविधा दी गई है। साथ ही अतिरिक्त फोर्स भी भेजा गया है। पुलिस कार्यालय में सभी थानों से सूचना जुटाई जा रही है और लोगों के फंसे होने की सूचना पर तुरंत राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
देवीबगड़ में बनाया वायरलेस केंद्र
एक जुलाई को आई प्राकृतिक आपदा से मुनस्यारी, धारचूला और बंगापानी क्षेत्र में दूरसंचार सेवा ध्वस्त हो गई है। इससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने मदकोट के देवीबगड़ में वायरलैस संचार केंद्र स्थापित किया है।
एसपी रामचंद्र राजगुरु ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में गुंजी और बुंदी में पहले से वायरलैस सेट लगाया गया है। मालपा और नजंग में पुलिस टीम रोज वायरलैस सैट के साथ आवागमन कर रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपनी समस्याओं और महत्वपूर्ण सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए उक्त वायरलैस सेटों का प्रयोग करने का अनुरोध किया है।
धारचूला में सिमखोला के आपदा प्रभावित 55 किलोमीटर दूर तहसील मुख्यालय आकर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों का आरोप है कि सिमखोला में 12 मकान बह गए हैं। 20 मकान खतरे की जद में आ गए, लेकिन सरकारी तंत्र ने चार दिन बाद भी उनकी सुध नहीं ली।
एसडीएम कार्यालय पहुंचे कुशमति देवी, धीरू सिंह, राकेश सिंह, भवान सिंह, शंकर सिंह, मान सिंह, मोहन सिंह, अंजू देवी, प्रेमा देवी, बिंदु देवी, बिरखू सिंह आदि का कहना था कि दो जुलाई को सिमखोला में तबाही मच गई। चार दिन बीतने के बाद भी लोगों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली। न ही फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया है। राशन तक की व्यवस्था सरकार और प्रशासन की ओर से नहीं की गई। वह लोग जंगलों से गिरते पड़ते दो दिन में तहसील मुख्यालय पहुंचे हैं। तहसील में एसडीएम और अन्य किसी भी अधिकारी के मौजूद न होने से इन लोगों का पारा और चढ़ गया।
इन लोगों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन लोगों का कहना था कि वर्ष 2013 और 2017 में भी सिमखोला में तबाही मची थी। तब भी प्रशासन ने उन लोगों के साथ पक्षपात किया। कहा कि प्रशासन और सरकार की उदासीनता के खिलाफ वह लोग आंदोलन छेड़ेंगे। समाचार लिखे जाने शाम 7 सवा सात बजे तक यह लोग धरने में डटे थे।
नस्यारी, धारचूला, बंगापानी क्षेत्र में राहत कार्य जारी है। भारी वर्षा के कारण बंद पड़ी सड़कों और पैदल मार्गों को खोलने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। बंद पड़ी 15 में से तीन सड़कों सेलमाली-दाखिम, धारचूला-दोबाट, जौलजीबी-ढुंगातोली में यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। उधर व्यास घाटी में फंसे छोटा कैलाश पर गए गुजरात के 10 यात्रियों में से तीन को सुरक्षित धारचूला लाया गया है, शेष सात को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है, जिन्हें शुक्रवार को धारचूला लाया जाएगा।
मुआवजा राशि बांटी
धारचूला में पांच परिवारों को क्षतिग्रस्त मकानों का 5200 रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 26000 रुपये की राशि वितरित की गई। 4 परिवारों को 3800 रुपये प्रति की दर से कुल 15200 रुपये की अहेतुक सहायता, एक परिवार को 3000 रुपये पशुहानि की राहत राशि वितरित की गई। तहसील बंगापानी में मृतक नारायणी देवी पत्नी नंद सिंह निवासी तल्ला गैला के परिजनों को चार लाख रुपये की राहत राशि दी गई। तीन प्रभावितों को 3800 की दर से कुल 11400 रुपये की अहैतुक सहायता राशि बांटी गई। तहसील मुनस्यारी में 4 प्रभावितों को 138000 रुपये, 4 भवन स्वामियों को कुल 20800 रुपये वितरित किए गए। डीएम ने बताया है कि सूचनाओं से संबंधित वेबसाइट तैयार की गई है। वेबसाइट अन्य सूचनाओं के साथ ही कैलाश मानसरोवर, छोटा कैलाश यात्रा से संबंधित सूचनाऐं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आपदा प्रभावितों के लिए 13 राहत शिविर लगाए गए हैं, जिनमें से छह राहत शिविरों में कुल 250 लोग रह रहे हैं। जिन्हें भोजन आदि उपलब्ध कराया जा रहा है।
ये सड़कें हैं बंद
1. थल-मुनस्यारी
2. जौलजीबी-मुनस्यारी
3. दर-सोबला
4. तवाघाट-नारायणआश्रम
5. ग्रिफ कैंप मुनयारी से दरकोट
6. डांडाधार-पापड़ी
7. मालाकोट-लोध
8. मदकोट-बोना
9. सेरा-गोल्फा-बोना
10. मदकोट-आलमदजारमा
11. तवाघाट-घटियाबड़
12. सोबला-कंज्योति
भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित पिथौरागढ़ जिले को बजट की अतिरिक्त खुराक मिलेगी। इस जिले के मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में भारी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पिथौरागढ़ जिले को तमाम व्यवस्थाओं के लिए 21 करोड़ के बजट का बंदोबस्त कर लिया गया है। इसमें से 16 करोड़ लोक निर्माण विभाग को सड़क-पुल आदि के निर्माण के लिए देने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिहाज से तमाम अन्य व्यवस्थाओं के लिए पांच करोड़ रुपये अतिरिक्त देने का भी फैसला लिया गया है।
भारी बारिश से मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में पुल और सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। क्षेत्र का दौरा करके आए आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि जिस तरह का नुकसान हुआ है, उसे देखते हुए नागरिक सुविधाओं की बहाली एक बड़ी चुनौती है। पुल-सड़कों के अलावा बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी बहुत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग को 16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका शासनादेश कर दिया गया है। शासन ने आपदा प्रबंधन के लिहाज से हर जिले को पांच-पांच करोड़ रुपये पूर्व में ही जारी कर दिए हैं। मगर पिथौरागढ़ की खास स्थिति को देखते हुए इस जिले को पांच करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।