सभी ग्रामीण पिछले पांच दिन से अपनी रातें लगभग 300 मीटर की दूरी पर लगाए गए प्लास्टिक के टैंट में बिता रहे हैं। भगत सिंह और गोविंद सिंह ने बताया कि अब भी लगातार बारिश हो रही है। गांव में नदी की ओर से भी कटाव हो रहा है।
पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। कब फिर से हादसा हो जाय यह सोचकर शाम का खाना खाने के बाद सभी लोग टैंट में चले जाते हैं। वहां पर पुआल बिछाया गया है। उसी में सोते हैं, लेकिन जिस स्थान पर टैंट लगाया गया है वहां पर भी अब नदी की ओर से भूस्खलन होने लगा है।
अधिक बारिश होने पर खतरा है। इसलिए रात लगभग जागकर ही गुजारनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभारी मंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद अब उन्हें कुछ उम्मीद जगी है।