टिहरी गढ़वाल से हरिद्वार पहुंची भगवान विश्वनाथ मां जगदीश शिला डोली को श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान कराया। स्नान के बाद यात्रा ऋषिकेश के लिए रवाना हुई। इस यात्रा का समापन गंगा दशहरा के दिन भगवान विश्वनाथ मां जगदीशिला तीर्थ स्थल पर होगा।
टिहरी गढ़वाल के विशोन पर्वत पर स्थित भगवान विश्वनाथ मां जगदीश शिला तीर्थ स्थल से प्रतिवर्ष डोली यात्रा का आयोजन पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी के नेतृत्व में वर्ष 2000 से निरंतर होता चला आ रहा है। इसी श्रृंखला में 17वीं बार मंत्रीप्रसाद नैथानी डोली यात्रा लेकर हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंचे।
जहां पर स्थानीय डोली यात्रा के संयोजक भारत माता मन्दिर के श्रीमहंत ललितानंद महाराज, आमेश शर्मा, पं. जगदीश अत्री, मुकेश शर्मा, अंकुर पालीवाल, हरिओम पटुवर, एडवोकेट वरूनेश सहित तीर्थ पुरोहितों ने पं. श्रीकांत वशिष्ठ के साथ मिलकर डोली यात्रा का भव्य स्वागत किया।
इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि वर्ष 2000 से प्रारंभ डोली यात्रा का हरिद्वार में आगमन एक परंपरा बन गया है, जो भगवान विश्वनाथ और मां जगदीशिला की कृपा से ही संभव हो पाया है। यात्रा का उद्देश्य विश्व शांति की कामना, देव संस्कृतियों को जिंदा रखना है। बताया कि शुरू के वर्षों में डोली यात्रा हरिद्वार से विशोन पर्वत टिहरी गढ़वाल तक ही सीमित रहती थी, लेकिन विगत कई वर्षों से इस यात्रा का विस्तार कुमाऊं मंडल में भी हो चुका है।