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बारिश-बर्फबारी के कारण गौरीकुंड में रोके गए 2700 तीर्थयात्री, सीएस ने दिए अलाव व्यवस्था के निर्देश

Wed, 15 May 2019 08:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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केदारनाथ दर्शन को जा रहे 2700 तीर्थयात्रियों को मंगलवार को बारिश और बर्फबारी के चलते दोपहर 11 बजे गौरीकुंड में ही रोक दिया गया। भीमबली और लिनचोली में भी कुछ देर के लिए यात्री रोके गए, जिन्हें मौसम में सुधार होने के बाद केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। 

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केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद से मौसम परेशानी का सबब बना हुआ है। विगत 10 मई से बारिश और बर्फबारी का क्रम बना हुआ है, जिससे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों को पड़ावों पर रोका जा रहा है। मंगलवार को भी सुबह से रिमझिम बारिश के साथ बर्फबारी होती रही, जिसके चलते दोपहर में प्रशासन ने गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए यात्रियों की आवाजाही रोक दी।

भीमबली और लिनचोली में यात्रियों को पौन घंटे तक रोका गया। बारिश थमने के बाद उन्हें धाम के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि मौसम को देखते हुए गौरीकुंड से केदारनाथ तक पूरे मार्ग और पड़ावों पर पूरी सर्तकता बरती जा रही है। पैदल मार्ग पर बारिश व धाम में बर्फबारी के कारण मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे के बाद गौरीकुंड से धाम के लिए यात्री नहीं छोड़े गए हैं।
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आपदा कंट्रोल रूम से यात्रा की नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है। इधर, एसपी अजय सिंह ने बताया कि पड़ावों और केदारनाथ में खराब मौसम के चलते यात्रियों को दिक्कत नहीं हो, इसके लिए सभी जवानों को निर्देशित किया गया है।

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ठंड से बचने को केदारनाथ में दोगुनी करें अलाव व्यवस्था: सीएस 

मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ केदारनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों से बातचीत करते हुए टोकन व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। यात्रियों द्वारा बारिश व बर्फबारी से ठंड अधिक होने की बात पर, सीएस ने प्रशासन को धाम में और अधिक अलाव की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने केदारनाथ में गढ़वाल मंडल विकास निगम को बर्फबारी से हुई क्षति का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

मंगलवार को केदारनाथ पहुंचे मुख्य सचिव ने एमआई-26 हेलीपैड, आस्था पथ से मंदिर तक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शौचालय, बिजली, पानी, संचार, स्वास्थ्य आदि सुविधाओं के बारे में प्रशासन से जानकारी मांगी। साथ ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से धाम में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने प्रशासन द्वारा दर्शनों के लिए संचालित टोकन सिस्टम के बारे में भी यात्रियों से फीडबैक लिया। इस मौके पर यात्रियों ने खराब मौसम के कारण धाम में अत्यधिक ठंड से उन्हें अवगत कराया। जिस पर, मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को केदारपुरी में अलावों की व्यवस्था दोगुनी करने को कहा।

बता दें कि वर्तमान में यहां दस स्थानों पर अलाव जल रहे हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने बर्फबारी से क्षतिग्रस्त जीएमवीएन की संपत्तियों का जायजा भी लिया। दूसरी तरफ पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने पुलिस अधीक्षक से केदारनाथ से रुद्रप्रयाग तक यात्रा संचालन के बारे में जानकारी ली। इसके बाद बारिश व बर्फबारी के बीच छाता लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ ध्यान गुफा, फुट पार्क, उरेडा पावर हाउस आदि का स्थलीय निरीक्षण भी किया। 
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