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इस साल यमुनोत्री धाम में पूजा नहीं कर पाएंगे तीर्थयात्री, पीछे है यह वजह

Sun, 17 Mar 2019 07:10 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़कोट (उत्तरकाशी)
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यमुनोत्री धाम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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आपदाग्रस्त यमुनोत्री धाम के पुनर्निर्माण कार्यों में हो रही देरी से तीर्थ पुरोहित समाज में रोष है। यमुना नदी से हुए कटाव के कारण मंदिर परिसर में 50 से ज्यादा लोगों के खड़े होने लायक जगह नहीं बची है।

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ऐसे में तीर्थ पुरोहितों ने चार धाम यात्रा से पूर्व धाम में मंदिर को जोड़ने वाले पुल एवं अन्य सुरक्षा कार्य पूरे नहीं होने पर जोखिम को देखते हुए तीर्थयात्रियों को मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना कराने में असमर्थता जताई है।

बीते साल जुलाई में यमुना नदी में आए उफान से यमुनोत्री धाम में भारी तबाही मची थी। आपदा के कारण मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य पुल सहित स्नान घाट, गर्म कुंड, समिति का कार्यालय आदि कई निर्माण ध्वस्त हो गए थे, जिसका पुनर्निर्माण कराने के लिए पुरोहित समाज लंबे समय से मांग कर रहा है।

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यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, सचिव कृत्तेश्वर उनियाल, प्रवक्ता बागेश्वर उनियाल ने बताया कि लोनिवि ने कुछ दिनों पहले ही धाम में पुल का निर्माण शुरू किया है। सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक घाटों व सुरक्षा दीवार आदि निर्माण कार्य शुरू नहीं किए हैं।

देर से शुरू हुए कार्य कपाट खुलने से पहले पूरे होने की उम्मीद नहीं लग रही है। ऐसे में यहां खतरे के हालात को देखते हुए समिति ने इस बार कपाट खुलने के बाद सिर्फ सुबह और शाम की आरती एवं पूजा अर्चना के लिए ही मंदिर के द्वार यात्रियों के लिए खोलने का निर्णय लिया है। शेष समय मंदिर के द्वार बंद रहेंगे।

यमुनोत्री धाम में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 1.54 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इन कार्यों की निविदा प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। धाम में भारी बर्फ जमा होने के कारण कार्य अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। बर्फ पिघलते ही तेजी से काम कराकर कपाट खुलने से पहले इन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
पीएस रावत, सहायक अभियंता, लोनिवि बड़कोट।
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