गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है। यमुनोत्री धाम में आ रहे तीर्थयात्रियों का स्वास्थ्य महज एक एमबीबीएस डाक्टर के भरोसे चल रहा है।
सीएचसी व पीएचसी अस्पतालों में विभिन्न रोगों से संबंधित विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था यात्रियों की जान पर भी भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने गंगोत्री धाम के अलावा गौमुख मार्ग पर चीड़वासा व तपोवन में ऑक्सीजन सिलेंडर व औषधि वितरण के लिए कुल चार एफएमआर(फर्स्ट मेडिकल रिस्पांस) टीम तैनात की है।
जबकि यमुनोत्री धाम में जानकीचट्टी के साथ ही यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हर डेढ़ किमी की दूरी पर एक एफएमआर टीम ऑक्सीजन सिलेंडर व जरूरी जीवनरक्षक दवाईयों के साथ तैनात है।
जानकीचट्टी में एक एमबीबीएस डाक्टर भी तैनात है। इसके साथ ही जानकीचट्टी में अलग से स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किया गया है जहां हर रोज यात्रा पर आने वाले 50 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों का स्वास्थ्य संबंधी चेकअप किया जाता है।